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Hindu Funeral Rites: दाह संस्कार के समय क्यों फोड़ा जाता है पानी से भरा घड़ा? जानें परंपरा के पीछे का रहस्य

Hindu Funeral Rites: दाह संस्कार के समय क्यों फोड़ा जाता है पानी से भरा घड़ा? जानें परंपरा के पीछे का रहस्य
Hindu Funeral Rites: दाह संस्कार के समय क्यों फोड़ा जाता है पानी से भरा घड़ा? जानें परंपरा के पीछे का रहस्य

अंतिम संस्कार के नियमImage Credit source: AI ChatGpt

Antim Sanskar Ke Niyam: हिंदू धर्म में 16 संस्कार बताए गए हैं. इसमें सबसे अंत में किए जाने वाला संस्कार होता है दाह संस्कार. ये अंतिम में किया जाता है, इसलिए इसे अंतिम संस्कार कहते हैं. व्यक्ति के मरने के बाद उसके दाह संस्कार की सभी परंपराएं निभाई जाती है, ताकि मृतक व्यक्ति की आत्मा को शांति मिल सके और वो मोक्ष के लिए आगे बढ़ सके.

अंतिम संस्कार के समय कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाता है, जिसमें मुखाग्नि से पहले पानी से भरी मिट्टी के घड़े को फोड़ने की भी प्रथा निभाई जाती है. आइए विस्तार से जानते हैं कि ये प्रथा क्या है और अंतिम संस्कार के समय इसे क्यों निभाया जाता है?

धर्म शास्त्रों के अनुसार…

धर्म शास्त्रों के अनुसार, अंतिम संस्कार में मृतक के शरीर को अग्नि के हवााले कर दिया जाता है. इसे ही शरीर को मुखाग्नि देना कहते हैं, लेकिन उससे पहले छेद किए हुए पानी के घड़े को भरकर कंधे पर रखकर चिता के चारों और दक्षिणावर्त परिक्रमा की जाती है. अंत में एक परिक्रमा वामावर्त करने का भी नियम है. इसके बाद पानी से भरे घड़े को पीछे की ओर फेंक दिया जाता है.इससे घड़ा फूट जाता है.

इसके बाद मृत शरीर को मुखाग्नि दी जाती है. अंतिम संस्कार का ये चरण बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, मिट्टी का घड़ा मृत शरीर के प्रतीक के रूप में लिया जाता है. फिर उसमें जो पानी भरा जाता है उसको आत्मा का प्रतीक माना जाता है. चिता की परिक्रमा के दौरान धीरे-धीरे घड़े में से पानी के टपकने को शरीर और आत्मा के संबंध को कमजोर होने और समाप्त होने का प्रतीक बताया जाता है.

घड़े को फोड़ने का धार्मिक कारण

घड़े के फूट जाने का मतलब ये होता है कि अब आत्मा को शरीर से पूरी तरह से अलग होना होगा और आगे की यात्रा पर जाना होगा. मानव शरीर को पंचतत्व में विलीन होना होगा. घड़ा फोड़ना ये दर्शाता है कि अब मृतक के सभी सांसारिक संबंध इस लोक से समाप्त हो चुके हैं और उसे मोक्ष की ओर बढ़ना चाहिए.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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