लखनऊ, 4 मई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के 500 नवचयनित लेखा परीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने बिना किसी बैंक से कर्ज लिए 600 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे पूरा किया है।

मुख्य बिंदु:
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- गंगा एक्सप्रेस-वे: CM ने बताया कि एक्सप्रेस-वे निर्माण में ₹36,000 करोड़ खर्च हुए। इसके किनारे 9 इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक हब के लिए 7,000 एकड़ अतिरिक्त जमीन ली गई है। कुल परियोजना लागत ₹42,000 करोड़ से अधिक है।
- 2017 की स्थिति: योगी ने कहा, “2017 में जब सरकार बनी तो खजाना खाली था। किसी भी बैंक का चेयरमैन मेरा फोन उठाने को तैयार नहीं था। यूपी को कर्ज नहीं देना चाहते थे।”
- अब रेवेन्यू सरप्लस: “वित्तीय अनुशासन से यूपी अब रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था, बजट और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हो गई है।”
- JPNIC पर निशाना: सपा सरकार के JPNIC प्रोजेक्ट पर बोले- “₹200 करोड़ का प्रोजेक्ट ₹860 करोड़ पहुंचकर भी अधूरा। ये वित्तीय कुप्रबंधन है।”
- एक्साइज बढ़ोतरी: “2017 से पहले एक्साइज से ₹12 हजार करोड़ आते थे, अब ₹62-63 हजार करोड़। लीकेज पर लगाम लगी।”
- रोजगार: “9 साल में 9 लाख+ सरकारी नौकरी दी। MSME से 3 करोड़ को रोजगार। भर्ती में चाचा-भतीजा संस्कृति खत्म।”
इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, ACS वित्त दीपक कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।





