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Parineeti Chopra: नोएडा में भी खुला भीमा ज्वेलरी का नया शो रूम, लॉन्च पर एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा भी रहीं मौजूद

Parineeti Chopra: नोएडा में भी खुला भीमा ज्वेलरी का नया शो रूम, लॉन्च पर एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा भी रहीं मौजूद
Parineeti Chopra: नोएडा में भी खुला भीमा ज्वेलरी का नया शो रूम, लॉन्च पर एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा भी रहीं मौजूद

नोएडा भीमा ज्वेलरी शो रूम में परिणीति चोपड़ा

आज की दुनिया में जहां ब्रांड तेजी से बदलते ट्रेंड्स, डिस्काउंट और आक्रामक मार्केटिंग पर निर्भर होते जा रहे थे, वहीं कुछ ऐसे नाम भी रहे जिन्होंने दशकों तक भरोसे और गुणवत्ता के दम पर अपनी पहचान बनाए रखी. भीमा ज्वेलरी ऐसा ही एक ब्रांड रहा, जिसने लगभग 100 वर्षों का सफर तय किया और उत्तर भारत में अपने विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नोएडा में अपना नया स्टोर खोला. इस खास मौके पर अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा भी लॉन्च के दौरान मौजूद रहीं, जिससे इस आयोजन को और खास पहचान मिली.

1925 में केरल से शुरू हुआ भीमा ज्वेलरी का सफर शुद्धता, पारदर्शिता और नैतिक व्यावसायिक मूल्यों पर आधारित रहा. भीमा के लिए ज्वेलरी केवल एक उत्पाद नहीं रही, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण पलों-जैसे शादी, त्योहार, पारिवारिक उत्सव और पीढ़ियों से जुड़े रिश्तों-का हिस्सा बनी रही. ऐसे में नोएडा में स्टोर खोलना सिर्फ नए बाजार में प्रवेश नहीं था, बल्कि उस भरोसे को एक नए शहर तक पहुंचाने की कोशिश थी, जिसने इस ब्रांड को दशकों तक मजबूती दी.

कीमतों की पारदर्शिता और ब्रांड की विश्वसनीयता

नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में उपभोक्ता पहले से कहीं अधिक जागरूक रहे. यहां के ग्राहकों ने केवल डिज़ाइन या चमक-दमक ही नहीं, बल्कि सोने की शुद्धता, सर्टिफिकेशन, कीमतों की पारदर्शिता और ब्रांड की विश्वसनीयता को भी उतनी ही अहमियत दी.

भीमा की एक बड़ी खासियत यह भी रही कि उसने परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाए रखा. जहां ब्राइडल और फेस्टिव ज्वेलरी में पारंपरिक भारतीय कारीगरी दिखाई दी, वहीं हल्के, रोज़मर्रा और वर्कवेयर डिज़ाइन आज की युवा पीढ़ी की जरूरतों को ध्यान में रखकर पेश किए गए. बदलती जीवनशैली के साथ ज्वेलरी का उपयोग भी बदला और आभूषण केवल खास मौकों तक सीमित न रहकर आत्म-अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास का हिस्सा बने.

ग्राहकों के साथ लंबा और भरोसेमंद रिश्ता

नोएडा का यह नया स्टोर भीमा की दीर्घकालिक सोच को भी दर्शाता रहा. ब्रांड का फोकस त्वरित बिक्री या तात्कालिक लाभ से ज्यादा, ग्राहकों के साथ लंबे और भरोसेमंद रिश्ते बनाने पर रहा. यही कारण रहा कि भीमा ने विस्तार के मामले में भी सोच-समझकर कदम बढ़ाए, ताकि हर नए शहर में वही गुणवत्ता और अनुभव दिया जा सके, जिसके लिए वह जाना गया.

जैसे-जैसे भीमा ज्वेलरी अपने 100वें वर्ष की ओर बढ़ा, यह संदेश और स्पष्ट होता गया कि विरासत और प्रासंगिकता एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं. सही मूल्यों के साथ, एक सदी पुराना ब्रांड भी आधुनिक शहरों और नई पीढ़ी के ग्राहकों से जुड़ पाया.

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