
अनुराग ढांडा
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा की बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि दस साल की सरकार ने बिजली क्षेत्र को कर्ज और घाटे में डुबो दिया है. उन्होंने कहा कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार हरियाणा के बिजली वितरण निगमों पर ₹27,915 करोड़ का संचित घाटा है और कुल उधारी ₹20,311 करोड़ तक पहुंच चुकी है.
अनुराग ढांडा ने कहा कि यह स्थिति बताती है कि हरियाणा सरकार न तो वित्तीय सुधार कर पाई और न ही उपभोक्ताओं को राहत दे पाई. आज हरियाणा का आम परिवार महंगे टैरिफ, भारी फिक्स्ड चार्ज और लगातार बढ़ते बिजली बिलों से परेशान है, लेकिन सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है.
पंजाब में सरकार ने कैसे पाई कामयाबी
उन्होंने इसके विपरीत पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹2600 करोड़ का लाभ कमाया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी है. राष्ट्रीय रैंकिंग में PSPCL ने A+ ग्रेड के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया है. यह दिखाता है कि सही नीयत और पारदर्शी प्रशासन से बिजली क्षेत्र को लाभ में लाया जा सकता है.
अनुराग ढांडा ने कहा कि रोशन पंजाब मिशन के तहत 300 यूनिट तक फ्री बिजली देने का फैसला आम आदमी पार्टी सरकार की जनहितकारी सोच का प्रमाण है. पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को शून्य बिल का लाभ मिला है और लाखों परिवारों को सीधी राहत पहुंची है. उन्होंने कहा कि जहां पंजाब में जनता को फ्री बिजली और बेहतर सेवाएं मिल रही हैं, वहीं हरियाणा में भाजपा सरकार जनता से महंगे बिल वसूल कर भी घाटा कम नहीं कर पा रही है.
हरियाणा में सरकार ने क्या उपाए किए?
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को हरियाणा की जनता को बताना चाहिए कि दस वर्षों में बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए. अगर पंजाब में मुफ्त बिजली देकर भी निगम लाभ में आ सकता है, तो हरियाणा में कर्ज़ और घाटा क्यों बढ़ता गया. आम आदमी पार्टी मांग करती है कि हरियाणा सरकार बिजली निगमों की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे और स्पष्ट करे कि इस भारी घाटे और उधारी की जवाबदेही कौन लेगा.
अनुराग ढांडा ने कहा कि पंजाब मॉडल ने साबित कर दिया है कि ईमानदार नेतृत्व और स्पष्ट नीति से जनता को राहत भी दी जा सकती है और सरकारी संस्थानों को मजबूत भी बनाया जा सकता है. अब हरियाणा की जनता तुलना कर रही है और जवाब मांग रही है.






