Politics

सेना के अफसर अब किताब लिखने से पहले लेंगे मंजूरी! सरकार बनाएगी नए नियम

सेना के अफसर अब किताब लिखने से पहले लेंगे मंजूरी! सरकार बनाएगी नए नियम
सेना के अफसर अब किताब लिखने से पहले लेंगे मंजूरी! सरकार बनाएगी नए नियम

जनरल नरवणे की किताब.

पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे (सेवानिवृत्त) की अप्रकाशित किताब Four Stars of Destiny को लेकर उठे विवाद के बीच रक्षा मंत्रालय अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है. मंत्रालय सेवा में कार्यरत और सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों द्वारा लिखी जाने वाली किताबों के लिए नई गाइडलाइंस तैयार कर रहा है.

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक हाल ही में इस संबंध में एक बैठक हुई, जिसमें नए नियमों का मसौदा तैयार करने पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई. प्रस्तावित दिशा-निर्देशों में मौजूदा सेवा नियमों और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act – OSA) के प्रावधानों को शामिल किया जाएगा.

क्या करना होगा?

अगर किसी किताब में सेना के ऑपरेशन, रणनीति या संवेदनशील जानकारी का जिक्र होगा, तो उसे पहले रक्षा मंत्रालय को भेजना होगा. मंत्रालय उस सामग्री की जांच करेगा और उसके बाद ही प्रकाशन की अनुमति दी जाएगी.

क्यों बन रहे हैं नियम?

फिलहाल रिटायर्ड अधिकारियों के लिए किताब लिखने को लेकर कोई एक साफ और एक जैसा कानून नहीं है. लेकिन, आधिकारिक गोपनीयता कानून (OSA) के तहत गोपनीय जानकारी उजागर करना अपराध है. यह कानून रिटायरमेंट के बाद भी लागू रहता है.

सरकार का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है. इसलिए भविष्य में विवाद से बचने के लिए साफ नियम बनाए जा रहे हैं.

नए नियम क्या होंगे?

  • ये दिशानिर्देश सेवारत और सेवानिवृत्त दोनों कर्मियों पर लागू होंगे.
  • किताब प्रकाशन से पहले मैनुस्क्रिप्ट को मंजूरी के लिए एक स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी, जिसमें रक्षा मंत्रालय या सेना मुख्यालय से अनुमति लेना शामिल होगा.
  • मौजूदा सेवा नियमों और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA) के प्रावधानों को शामिल किया जाएगा, ताकि क्लासिफाइड जानकारी, ऑपरेशनल डिटेल्स, आंतरिक प्रक्रियाएं, उपकरण क्षमताएं, खुफिया इनपुट्स या राष्ट्रीय सुरक्षा/विदेशी संबंधों से जुड़े मुद्दों का खुलासा रोका जा सके.
  • सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए भी संवेदनशील जानकारी वाली किताबों को MoD के पास वेरिफिकेशन और अनुमति के लिए जमा करना अनिवार्य होगा.
  • काल्पनिक कार्यों (फिक्शन) में भी वास्तविक संवेदनशील जानकारी का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा.
  • यह नियम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और क्लासिफाइड जानकारी की रक्षा के लिए लाए जा रहे हैं, क्योंकि अभी ऐसा कोई भी इकलौता डिटेल गाइडलाइ नहीं है। जो विशेष रूप से सेवानिवृत्त अधिकारियों की किताबें लिखने को नियंत्रित करता हो.

पहले के नियम से कितना अलग होगा?

  • सेवारत कर्मियों के लिए आर्मी रूल्स 1954 की धारा 21 के तहत राजनीतिक मुद्दों, सेवा विषयों या सेवा जानकारी से जुड़ी किसी भी सामग्री को प्रकाशित करने से पहले केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य है.
  • सेवा नियम और रक्षा सेवा रेगुलेट्री बॉडी में चेन ऑफ कमांड से लिखित अनुमति लेनी होती है.
  • सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए आर्मी एक्ट लागू नहीं होता, लेकिन OSA जीवन भर लागू रहता है, जो क्लासिफाइड जानकारी के खुलासे को अपराध बनाता है.
  • 2021 में पेंशन रूल्स में संशोधन से खुफिया या सुरक्षा संगठनों में काम करने वाले सेवानिवृत्त अधिकारियों को अपनी संगठन से जुड़ी जानकारी प्रकाशित करने से पहले अनुमति लेनी पड़ती है, वरना पेंशन रोकी या वापस ली जा सकती है.

हालांकि, सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए कोई स्पष्ट सेवा नियम नहीं हैं, और वे निजी विवेक पर निर्भर रहते हैं. सार्वजनिक डोमेन की जानकारी या व्यक्तिगत राय (जैसे राजनीति या राष्ट्रीय सुरक्षा पर) प्रकाशित की जा सकती है, लेकिन संवेदनशील मामलों में अनुमति जरूरी है.

अब क्या अंतर आयेगा

  • नए नियम अधिक व्यापक और स्पष्ट होंगे, जो सेवानिवृत्त कर्मियों को भी सख्ती से कवर करेंगे, जहां पहले कानूनी ग्रे एरिया था (कोई एकल कानून नहीं).
  • प्रक्रिया को विस्तृत रूप से परिभाषित किया जाएगा, जैसे मैनुस्क्रिप्ट जमा करने का तरीका, जबकि पहले अलग-अलग तरीके से देखा या परखा जाता था जिसमें चूक होने की संभावना ज्यादा थी.
  • फोकस राष्ट्रीय सुरक्षा पर अधिक होगा, और असंगतताओं को दूर कर एक समान प्रक्रिया लागू की जाएगी.
  • सेवारत कर्मियों के लिए ज्यादा बदलाव नहीं, लेकिन सेवानिवृत्त के लिए अनुमति प्रक्रिया सख्त हो जाएगी, खासकर ऑपरेशनल या संवेदनशील डिटेल्स वाले किताबों में.
  • ये नए दिशानिर्देश अभी अंतिम रूप दिए जा रहे हैं और हाल ही में एक बैठक में इन पर चर्चा हुई है. यह विवादित किताबों के मामलों में अस्पष्टता को कम करने का प्रयास है.
Khabar Monkey
the authorKhabar Monkey

Leave a Reply