
बैंक हड़ताल
देश की 10 बड़ी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने मिलकर भारत बंद का ऐलान किया है. इसे लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 30 करोड़ कर्मचारी इसमें हिस्सा ले सकते हैं. खबरों के मुताबिक, ट्रेड यूनियनें 2025 में लागू किए गए चार नए श्रम कानूनों का विरोध कर रही हैं. इसी वजह से संगठनों ने 12 फरवरी को पूरे देश में हड़ताल का ऐलान किया है.
बैंक कर्मचारी संगठनों ने इस हड़ताल को समर्थन दिया है. इनमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन और बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया शामिल हैं. इन संगठनों ने बेहतर काम की स्थिति और हफ्ते में पांच दिन काम जैसे मांगों को फिर से रखा है. बैंकिंग सेवाओं पर असर की आशंका को देखते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि अगर कर्मचारी हड़ताल में शामिल होते हैं तो काम प्रभावित हो सकता है.
वहीं देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने भी ग्राहकों को सचेत किया है कि हड़ताल के दौरान कुछ सेवाएं सीमित रूप से प्रभावित हो सकती हैं. आईडीबीआई बैंक को भी यूनियनों की ओर से औपचारिक सूचना मिली है. एटीएम सामान्य रूप से चालू रहने की संभावना है, लेकिन उसमें पैसे भरने में देरी हो सकती है.
क्या बैंक खुले रहेंगे?
भले ही संगठनों ने देशव्यापी बंद बुलाया है मगर रेगुलेटरी बैंक आरबीआई ने इसपर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. हड़ताल के बावजूद बैंकों या भारतीय रिजर्व बैंक ने इस दिन को छुट्टी घोषित नहीं किया है. यानी शाखाएं खुली रहेंगी, हालांकि कामकाज में कुछ दिक्कत आ सकती है. ग्राहकों को अलग-अलग बैंक शाखाओं में सेवाओं में देरी का सामना करना पड़ सकता है. वहीं, ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी.






