
कोटद्वार: उत्तराखंड के कोटद्वार में ‘मोहम्मद’ नाम से देशभर में चर्चा बटोरने वाले दीपक कुमार इस समय बुरे हालातों का सामना कर रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार का समर्थन किया था। बाबा नाम की दुकान को लेकर बीते 26 जनवरी को बजरंग दल ने प्रदर्शन किया था। दुकानदार वकील अहमद दुकान के नाम से “बाबा” शब्द हटाने की धमकियों का सामना कर रहे थे। 26 जनवरी को दीपक ने बजरंग दल का विरोध किया था। जब उनसे नाम पूछा गया, तो उन्होंने कहा था कि उनका नाम मोहम्मद दीपक है। यह वीडियो वायरल खूब वायरल हुआ था। प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें संसद में नेताप्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से लेकर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी उनके समर्थन में आए। राहुल ने दीपक को देश का बताया था तो ओवैसी ने कहा था देश को ऐसे दीपक और मिलने चाहिए। इतने समर्थन के बाद भी आज दीपक स्थानीय विरोध का सामना कर रहे हैं।
ईमानदारी की कीमत चुका रहा- दीपक कुमार 31 जनवरी को कई बजरंग दल के सदस्य दीपक से मिलने आए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोका। इसके बाद कोटद्वार शहर दो हिस्सों में बंट गया — एक समूह जो दीपक का समर्थन कर रहा है और दूसरा समूह जो उनकी कार्रवाई से असंतुष्ट है। दीपक ने कहा, “आधा शहर मेरा समर्थन करता है, लेकिन अच्छे काम करने पर लोग तालियां नहीं बजाते। ईमानदारी की कीमत चुकानी पड़ती है।”
दीपक के जिम में आने से डर रहे लोग इस विवाद का सीधा असर दीपक के जिम पर पड़ा। कोटद्वार के हल्क जिम को दीपक कुमार चला रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह किराए की बिल्डिंग में चल रहा है। दीपक बताते हैं कि जिम में पहले 150 मेंबर थे, अब केवल 15 रह गए हैं। दीपक ने बताया, “लोग डर गए हैं और मैं इसे समझता हूं। जिम पूरे फ्लोर में है और महीने का किराया 40000 रुपये है। हमारे परिवार की एकमात्र आमदनी यही है। मैंने हाल ही में घर बनाया है और 16000 रुपये मासिक लोन अभी भी चुका रहा हूं।”
सीपीआई सांसद ने की मुलाकात रविवार को, राज्यसभा सांसद और CPI(M) के संसदीय दल के नेता जॉन ब्रिटास ने दुकानदार वकील अहमद और दीपक से मुलाकात की। सीपीआई(एम) ने ट्वीट किया कि सांसद ने जिम का दौरा किया और सदस्यता ली। पार्टी ने दावा किया कि दीपक का जिम अब “साम्प्रदायिक तत्वों की धमकियों” के कारण वीरान हो गया है। सांसद ने कोटद्वार पुलिस स्टेशन में भी विरोध दर्ज कराया और दीपक को साहसिक कार्रवाई करने के लिए बधाई दी।
दीपक ने कहा, “मुझे अभी भी नहीं लगता कि मैंने कुछ गलत किया है। बाहर से लोग मुझे समर्थन दे रहे हैं, लेकिन शहर के लोग अभी तक मेरे साथ नहीं आए हैं। चीजें धीरे-धीरे सुधरेंगी, लेकिन सब ठीक होगा।” पुलिस ने दीपक को सुरक्षा प्रदान की है और शहर में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।






