
ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा.
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कसता जा रहा है. ED की टीम ने बुधवार को संतकबीरनगर में मौलाना के 4 ठिकानों पर छापेमारी की. सूत्रों से पता चला है कि ईडी की रेड में 5.5 करोड़ का लेन-देन और 20 करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ है. साथ ही पता चला है कि मौलाना यूके की नागरिकता लेने के बाद भी वेतन और पेंशन लेता रहा है.
मौलाना शमशुल हुदा के संतकबीरनगर और आजमगढ़ स्थित घरों पर ED ने रेड की है. बुधवार सुबह लखनऊऊ से ED की एक-एक टीम दोनों जगह पहुंची. संतकबीरनगर में 3 अधिकारियों की टीम पहुंची. घर पर मौजूद सदस्यों के मोबाइल फोन जब्त कर जांच शुरू कर दी. प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत रहे शिक्षक शमशुल पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोप है.
उन पर इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं. जांच के दौरान करोड़ों रुपये के लेन-देन और कई संपत्तियों का खुलासा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, शमशुल हुदा खान साल 1984 में एक मदरसे में प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे. साल 2013 में उन्होंने यूनाइटेड किंगडम (UK) की नागरिकता हासिल कर ली.
तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज
आरोप है कि इसके बावजूद वे वर्ष 2017 तक वेतन लेते रहे. इतना ही नहीं, सेवानिवृत्ति के बाद भी साल 2023 तक पेंशन भी लेते रहे. जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2013 में यूके की नागरिकता लेने के बाद भी उन्होंने कथित रूप से साल 2017 के विधानसभा चुनाव में मतदान किया. इस पूरे मामले में शमशुल हुदा, उनकी पत्नी, बेटे और बहू के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. जांच एजेंसियां वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के दुरुपयोग और अन्य संभावित अपराधों की गहराई से जांच कर रही हैं.
जांच में अब तक हुए खुलासे
वित्तीय जांच में खुलासा हुआ है कि लगभग 5.5 करोड़ रुपये चार बैंक खातों में आए हैं. ये खाते शमशुल हुदा, उनकी पत्नी, बेटे, बहू और उनसे जुड़े एनजीओ रजा फाउंडेशन के नाम पर बताए जा रहे हैं. जांच एजेंसियां इन लेन-देन के सोर्स और उपयोग की पड़ताल कर रही हैं. जांच में पिछले 5 से 7 सालों के दौरान कमाई की गई 17 संपत्तियों की जानकारी भी सामने आई है. इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक है.
बैंक खातों, संपत्तियों और मतदान संबंधी रिकॉर्ड की पड़ताल
संपत्तियों के दस्तावेजों और फंडिंग सोर्स की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनकी खरीद में कथित अवैध धन का इस्तेमाल तो नहीं हुआ. जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने संत कबीर नगर जिले में चार अलग-अलग परिसरों पर सर्च ऑपरेशन चलाया. छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य सबूत जुटाए गए हैं. यह मामला सरकारी सेवा में रहते हुए विदेशी नागरिकता प्राप्त करने, वेतन और पेंशन लेने, कथित अवैध वित्तीय लेन-देन और संपत्ति कमाने जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा है. जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, संपत्तियों और मतदान संबंधी रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही हैं.






