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अडानी ग्रुप की ये 3 कंपनियां बनेंगी रॉकेट! आखिर इस दिग्गज ने क्यों जताया भरोसा?

देश के प्रमुख कारोबारी ग्रुप अडानी समूह की कंपनियों पर ब्रोकरेज का अनुमान आया है. Jefferies ने Adani Power, Adani Ports and Special Economic Zone और Adani Enterprises के लिए टारगेट प्राइस बढ़ा दिए हैं. ब्रोकरेज ने इन तीनों कंपनियों पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है.

अडानी ग्रुप की ये 3 कंपनियां बनेंगी रॉकेट! आखिर इस दिग्गज ने क्यों जताया भरोसा?
अडानी ग्रुप की ये 3 कंपनियां बनेंगी रॉकेट! आखिर इस दिग्गज ने क्यों जताया भरोसा?

जेफरीज का इन कंपनियों पर भरोसा करने का प्रमुख कारण इनका मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस, क्षमता विस्तार और सभी बिजनेस में बेहतर रियलाइजेशन है. यह रेटिंग पोर्ट, पावर और अलग-अलग तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ती मांग के बीच वॉल्यूम ग्रोथ, EBITDA में बढ़ोतरी और रणनीतिक फैसलों को लेकर ब्रोकरेज के भरोसे को दिखाती है.

Khabar Monkey

अडानी पोर्ट

Jefferies ने Adani Ports का टारगेट प्राइस 1,825 रुपये से बढ़ाकर 1,980 रुपये कर दिया है. ब्रोकरेज ने इसे मार्च-28E EV/EBITDA के 17 गुना पर वैल्यू किया है, जो FY27 के ट्रेडिंग मल्टीपल्स के हिसाब से है. मार्च-26Q का EBITDA अनुमान से 9% ज्यादा रहा. इसकी वजह घरेलू पोर्ट से होने वाले रियलाइजेशन में साल-दर-साल (YoY) 9% की बढ़ोतरी थी. वहीं, मैनेजमेंट ने FY27E में EBITDA में साल-दर-साल 9-14% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है, जबकि जेफरीज का अनुमान 11% था.

NQXT टर्मिनल और Colombo West Terminal जैसी नई क्षमताओं को जोड़ने के साथ-साथ पावर मिनिस्ट्री के दिशानिर्देशों और टाटा पावर के मुद्रा PPA के जरिए कोयला आयात में संभावित सुधार FY27 इस्टीमेट के लिए वॉल्यूम बढ़ाने वाले मुख्य कारक हैं. इसके साथ ही, FY26-31 इस्टीमेट के दौरान 18% EBITDA CAGR हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है.

अडानी पावर

ब्रोकरेज ने अडानी पावर का टारगेट प्राइस 185 रुपये से बढ़ाकर 255 रुपये कर दिया है. इसके लिए FY28E EV/EBITDA मल्टीपल को 20 गुना पर रखा गया है, जो NTPC के मुकाबले 100 bps का प्रीमियम है. यह अनुमान FY26-29 के दौरान 23% EBITDA CAGR की उम्मीद पर आधारित है. इसकी मुख्य वजह अनुमान के मुताबित, FY30 तक कंपनी की क्षमता का दोगुना होकर 30.7GW तक पहुंच जाना है. मार्च तिमाही का EBITDA अनुमान से 7% ज्यादा रहा. इसकी वजह बेहतर यूटिलाइजेशन और रियलाइजेशन थे. हाल ही में 8.2 GW क्षमता के लिए 5.8-6.3 रुपये प्रति यूनिट की दर से पावर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं. पहले यह दर 5.5 रुपये प्रति यूनिट से कम थी.

इन नए समझौतों से FY28-30 के दौरान कंपनी की मुनाफे में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. बिजली की मांग में 2% की बढ़ोतरी के बावजूद, PLF साल-दर-साल 74% पर स्थिर रहा. वहीं, मर्चेंट मार्केट में बिक्री का हिस्सा कुल वॉल्यूम का 19% रह गया, जिससे कंपनी को स्थिर ब्लेंडेड रियलाइजेशन बनाए रखने में मदद मिली.

अडानी एंटरप्राइजेज

जेफरीज ने SOTP के जरिए Adani Enterprises का टारगेट 2,600 से बढ़ाकर 2,800 रुपये कर दिया है. इसमें एयरपोर्ट्स और ANIL का योगदान FY25-28E के दौरान 14% EBITDA/PAT CAGR के साथ EV का 75-80% रहेगा. मार्च तिमाही का EBITDA सालाना आधार पर 3-4% बढ़कर 44.8 बिलियन रुपये हो गया.

इसकी मुख्य वजह एयरपोर्ट्स में सालाना आधार (YoY) पर 75% की ग्रोथ, ANIL में 6% की बढ़त और कॉपर सेगमेंट का मजबूत परफॉर्मेंस रहा. हालांकि ट्रेडिंग और माइनिंग सर्विसेज में गिरावट देखने को मिली. मैनेजमेंट का लक्ष्य FY27 में 30 बिलियन रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त EBITDA हासिल करना है. यह लक्ष्य नवी मुंबई एयरपोर्ट, कच्छ कॉपर और सड़कों के विस्तार से पूरा होगा, जिनकी स्थिति FY26 के बाद स्थिर होने की उम्मीद है. इसके लिए 400 बिलियन रुपये का पूंजीगत व्यय निर्धारित किया गया है.

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