
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी.
AIMIM चीफ और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को संसद में बजट पर चर्चा के दौरान सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने सरकार पर मुसलमानों से नफरत करने का आरोप लगाया है. ओवैसी ने कहा कि सरकार विकसित भारत बनाने की बात करती है. लेकिन मैं बताना चाहता हूं, विकसित भारत तभी बन पाएगा, जब मुसलमान शैक्षणिक और अन्य मामलों में ताकतवर होगा.
AIMIM सांसद ओवैसी ने हायर एजूकेशन देने वाले संस्थानों में मुस्लिम बच्चों के रजिस्ट्रेशन में आई कमी को लेकर सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों में मुस्लिम बच्चों को लेकर बड़ी गिरावट दर्ज की गई. ये सब अचानक नहीं हो रहा है. मुसलमान बच्चों के पढ़ाई छोड़ने की दर भी अधिक है. उन्होंने कहा कि ये सब सरकार की वजह से हो रहा है. उन्होंने कहा कि इस सरकार में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने पांच साल से अल्पसंख्यकों के लिए तीन छात्रवृत्ति योजनाओं को मंजूरी नहीं दी है.
अल्पसंख्यक मामलों के लिए 10 हजार करोड़ की मांग
ओवैसी ने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए हो रही है क्योंकि मोदी सरकार मुसलमानों से नफरत करती है. उन्होंने कहा कि यह सरकार 2047 तक विकसित भारत बनाने की बात करती है और बजट में इस बारे में बारे में बताया भी गया. बड़े-बड़े दावे भी किए गए हैं. लेकिन बिना मुसलमानों के ये संभव नहीं है. ओवैसी ने बजट में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के लिए आवंटन बढ़ाकर 10 हजार करोड़ रुपये करने की मांग की है.
सईद, अजहर और लखवी को पाक में घुसकर पकड़ें
उन्होंने अग्निपथ योजना की समीक्षा करने की और चीन से जुड़े मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की. ओवैसी ने आतंकवादियों हाफिज सईद, मसूद अजहर और जाकिउर रहमान लखवी का जिक्र करते हुए उन पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार को एक ऑपरेशन इंसाफ चलाना चाहिए और (पाकिस्तान में) घुसकरइन आतंकवादियों को पकड़कर लाना चाहिए.
लद्दाख से निर्दलीय सांसद मोहम्मद हनीफा ने भी केंद्र सरकार से बड़ी मांग की है. उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य ढांचे और कनेक्टिविटी के लिए अधिक बजट दिया जाना चाहिए. उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य ढांचे और कनेक्टिविटी के लिए बड़ा बजट जारी किए जाने की मांग की है.






