
स्कूलों में राष्ट्रगीत के बाद शुरू होगी पढ़ाईImage Credit source: iStock
केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं. गृह मंत्रालय के 28 जनवरी के आदेश के अनुसार अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और अन्य औपचारिक आयोजनों में वंदे मातरम बजाया जाएगा और उस समय सभी के लिए खड़ा होना अनिवार्य होगा. नए नियमों के अनुसार अब सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत के साथ होगी. अगर किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा. यह पहली बार है जब राष्ट्रगीत के संबंध में इतना स्पष्ट प्रोटोकॉल तय किया गया है. सरकार इस वर्ष वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है.
गृह मंत्रालय के नए निर्देशों के तहत अब सभी सरकारी समारोहों, शैक्षणिक संस्थानों और औपचारिक आयोजनों में वंदे मातरम का गायन या वादन किया जाएगा. सभी उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान दिखाना सभी के लिए जरूरी होगा.
राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का क्रम तय
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम और जन गण मन दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं, तो सबसे पहले वंदे मातरम गाया या बजाया जाएगा. इसके बाद राष्ट्रगान होगा. दोनों के दौरान अनुशासन और सम्मान बनाए रखना अनिवार्य रहेगा.
स्कूलों में बदलेगी सुबह की शुरुआत
नए नियमों के अनुसार अब सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत के साथ होगी. खास बात यह है कि अब वंदे मातरम के सभी छह अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड है. पहले आम तौर पर इसके केवल दो अंतरे ही गाए जाते थे.
150 साल पूरे होने पर विशेष अवसर
सरकार इस समय वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रही है. इसी संदर्भ में राष्ट्रगीत के गायन को लेकर यह विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. हालांकि मंत्रालय ने यह भी कहा है कि किन-किन अवसरों पर राष्ट्रगीत गाया जा सकता है, इसकी पूरी सूची बनाना संभव नहीं है.
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