
विजया एकादशी 2026Image Credit source: unsplash
Ekadashi Puja at Home: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. साल में आने वाली सभी एकादशियों में विजया एकादशी को बेहद फलदायी और शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को रखने से व्यक्ति को जीवन में सफलता मिलती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में विजया एकादशी 13 फरवरी को मनाई जाएगी. इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत और पूजन करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं. आइए जानते हैं घर पर विजया एकादशी का व्रत और पूजन कैसे करें और किन गलतियों से बचना चाहिए.
विजया एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
- पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का विवरण इस प्रकार है.
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 फरवरी 2026 की रात से.
- एकादशी तिथि का समापन: 13 फरवरी 2026.
- उदया तिथि के अनुसार व्रत: 13 फरवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा.
घर पर कैसे करें पूजन?
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें. मंदिर के सामने बैठकर हाथ में जल लेकर विजया एकादशी व्रत का संकल्प लें. एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. भगवान को गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराएं. भगवान विष्णु को पीले फूल, फल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें. याद रखें, तुलसी दल के बिना विष्णु जी की पूजा अधूरी मानी जाती है. विजया एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और अंत में घी के दीपक से आरती करें.
भूलकर भी न करें ये गलतियां!
एकादशी के दिन कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए, वरना व्रत का फल नहीं मिलता. एकादशी के दिन घर में चावल बनाना और खाना पूरी तरह वर्जित है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन चावल खाना ‘कीड़े’ खाने के समान माना गया है. एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. पूजा के लिए एक दिन पहले ही पत्ते तोड़कर रख लें. इस दिन मन को शांत रखें. किसी की बुराई न करें और न ही झूठ बोलें. मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक भोजन से दूर रहें.
व्रत पारण कब करें?
विजया एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है, पारण से पहले भगवान विष्णु की पूजा करके दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है.
विजया एकादशी व्रत के लाभ
धार्मिक मान्यता है कि विजया एकादशी का व्रत पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. इसलिए इस पावन दिन व्रत और पूजा पूरे विधि-विधान से करना चाहिए.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.






