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सिर की जूं ने ले ली 12 साल की लक्ष्मीप्रिया की जान, बेटी ने इतना दर्द सहा कि कोई नहीं कर पाएगा यकीन

सिर की जूं ने ले ली 12 साल की लक्ष्मीप्रिया की जान, बेटी ने इतना दर्द सहा कि कोई नहीं कर पाएगा यकीन

लक्ष्मीप्रिया पिछले कुछ महीनों से जूं की समस्या से परेशान थी. इसका इलाज कराने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हुआ. उसकी मां सत्यभामा ने बताया कि जूं की वजह से लड़की के सिर की त्वचा बुरी तरह प्रभावित हो गई थी. शर्मिंदगी और असहजता के कारण लक्ष्मीप्रिया स्कूल जाते समय अपना सिर दुपट्टे से ढकने लगी थी. उसके सिर से तेज बदबू आने लगी थी. इस वजह से उसने क्लास जाना बंद कर दिया. मां ने बताया- उन्होंने बच्ची को सिर मुंडवाने की सलाह दी थी, लेकिन उसने मना कर दिया. लक्ष्मीप्रिया के बाल बहुत घने थे, जिससे उन्हें यह समझने में मुश्किल हुई कि संक्रमण कितना गंभीर हो गया है. वह असहज और शर्मिंदगी महसूस करने के कारण बाहर जाने से भी बचती थी.

अस्पताल में भर्ती होने से पहले बिगड़ी तबीयत
शुक्रवार को लक्ष्मीप्रिया को अचानक खून की उल्टियां होने लगीं. परिवार वाले उसे तुरंत जिला मुख्यालय अस्पताल ले गए. डॉक्टरों ने जूं के इलाज के लिए दवाएं दीं और उल्टी रोकने का भी इलाज किया. हालांकि, उसकी हालत बिगड़ती चली गई. इलाज के बावजूद, शनिवार रात उसकी मौत हो गई. उसकी मौत ने लोगों को हैरान कर दिया है और इस बात पर चिंता जताई है कि जूं जैसी आम समस्या इतनी गंभीर कैसे हो सकती है.

डॉक्टरों का कहना है, जांच के बाद असली वजह पता चलेगी
TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुरी के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अक्षय सतपथी ने कहा कि लड़की की मौत या तो जूं के इलाज के लिए इस्तेमाल की गई दवाओं के रिएक्शन से या फिर सिर में गंभीर इन्फेक्शन के कारण हुए सेप्टीसीमिया से हो सकती है. बार-बार खुजलाने से सिर पर घाव हो सकते हैं, जिनमें इन्फेक्शन हो सकता है. अगर ऐसे इन्फेक्शन का समय पर इलाज न हो, तो यह शरीर में फैलकर जानलेवा बन सकता है. मौत की असली वजह की पुष्टि विस्तृत जांच और मेडिकल रिव्यू के बाद ही हो सकती है.

एक्सपर्ट्स ने सेकेंडरी इन्फेक्शन के खतरे की ओर इशारा किया
एम्स भुवनेश्वर में डर्मेटोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. चंद्र शेखर सिरका ने बताया कि जूं के संक्रमण के बाद सेकेंडरी इन्फेक्शन हो सकता है. सीनियर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. मैत्रेयी पांडा ने भी कहा कि जूं का गंभीर संक्रमण सेहत से जुड़ी गंभीर परेशानियां पैदा कर सकता है. लगातार खुजलाने से जब सिर की त्वचा खराब हो जाती है, तो इन्फेक्शन हो सकता है. दुर्लभ मामलों में, इससे सेप्सिस हो सकता है, जो पूरे शरीर में फैलने वाला एक खतरनाक इन्फेक्शन है.

पिछली स्टडी में भी सामने आए थे गंभीर मामले
क्लीनिक्स इन डर्मेटोलॉजी जर्नल में छपी 2022 की एक स्टडी ‘द डार्कर साइड ऑफ हेड लाइस इन्फेस्टेशन्स’ में जॉर्जिया की एक 12 साल की लड़की की मौत का जिक्र है. उस मामले में, बच्ची को कार्डियक अरेस्ट हुआ था और इसका दूसरा कारण जूं के गंभीर संक्रमण से जुड़ा गंभीर एनीमिया पाया गया था. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे गंभीर परिणाम दुर्लभ हैं, लेकिन यह दिखाते हैं कि अगर इलाज न किया जाए या मामला गंभीर हो, तो यह कभी-कभी खतरनाक हो सकता है.

सिर की जूं आमतौर पर एक आम और इलाज योग्य समस्या है. ज्यादातर मामलों में, यह खुजली और बेचैनी का कारण बनती है, लेकिन इससे कोई गंभीर बीमारी नहीं होती. हालांकि, अगर संक्रमण बहुत गंभीर हो जाए और लंबे समय तक बना रहे, तो लगातार खुजलाने से सिर पर खुले घाव हो सकते हैं.

इन घावों में बैक्टीरिया से इन्फेक्शन हो सकता है. अगर यह इन्फेक्शन खून में फैल जाए, तो इससे सेप्टीसीमिया हो सकता है, जो जानलेवा है. दुर्लभ मामलों में, भारी संक्रमण गंभीर एनीमिया या दूसरी दिक्कतों का कारण भी बन सकता है. डॉक्टर इस बात पर जोर देते हैं कि जल्दी इलाज, अच्छी साफ-सफाई और मेडिकल देखभाल से ऐसे खतरनाक नतीजों को रोका जा सकता है.

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