Business

गोल्ड ETF में जमकर पैसा लगा रहे हैं फंड मैनेजर्स, 100% से ज्यादा बढ़ा इनफ्लो

गोल्ड ETF में जमकर पैसा लगा रहे हैं फंड मैनेजर्स, 100% से ज्यादा बढ़ा इनफ्लो
गोल्ड ETF में जमकर पैसा लगा रहे हैं फंड मैनेजर्स, 100% से ज्यादा बढ़ा इनफ्लो

गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ा

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, ग्लोबल तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों का भरोसा एक बार फिर सोने पर लौटता दिख रहा है. जनवरी 2026 में गोल्ड ETF में रिकॉर्ड स्तर पर पैसा आया है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि फंड मैनेजर्स और बड़े निवेशक जोखिम से बचने के लिए सुरक्षित विकल्पों की ओर शिफ्ट कर रहे हैं.

जनवरी महीने में गोल्ड आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में करीब 24,040 करोड़ रुपये का निवेश हुआ. यह आंकड़ा दिसंबर 2025 के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है, जब इनफ्लो करीब 11,647 करोड़ रुपये रहा था. यानी सिर्फ एक महीने में गोल्ड ETF में पैसा आने की रफ्तार करीब 106% बढ़ गई. यह हाल के महीनों का सबसे ऊंचा इनफ्लो माना जा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि जनवरी में गोल्ड ETF में आया पैसा लगभग उतना ही रहा, जितना पूरे महीने में इक्विटी फंड्स में निवेश हुआ. इससे यह साफ होता है कि निवेशक फिलहाल गोल्ड को इक्विटी के बराबर महत्व दे रहे हैं.

क्यों बढ़ा गोल्ड ETF का आकर्षण?

मार्निंगस्टार इंडिया की सीनियर एनालिस्ट नेहल मेषराम के मुताबिक, निवेशक इस समय सेफ-हेवन और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन को प्राथमिकता दे रहे हैं. साल की शुरुआत में निवेशक अपने पोर्टफोलियो को दोबारा संतुलित करते हैं और पिछले कुछ महीनों की अस्थिरता के बाद गोल्ड को एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में जोड़ रहे हैं.

गोल्ड ETF की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सोना रखने का एक नियंत्रित, पारदर्शी और कम लागत वाला तरीका है. न स्टोरेज की झंझट, न शुद्धता की चिंता. यही वजह है कि अनिश्चित आर्थिक माहौल में गोल्ड ETF निवेशकों के लिए एक आसान एड-ऑन बनता जा रहा है.

2025 के अंत से ही बन रहा था ट्रेंड

2025 के ज्यादातर हिस्से में गोल्ड ETF में निवेश औसत रहा, लेकिन साल के आखिरी महीनों में इसमें तेज उछाल देखने को मिला. अक्टूबर में इनफ्लो करीब 7,700 करोड़ रुपये रहा, नवंबर में थोड़ी नरमी आई, लेकिन दिसंबर से फिर तेजी लौटी. जनवरी की जबरदस्त बढ़त इस बात का संकेत है कि निवेशकों की रणनीति अब साफ तौर पर गोल्ड की ओर झुक रही है. दूसरी ओर, जनवरी 2026 में इंडेक्स फंड्स में निवेश लगभग नगण्य रहा, जो दिखाता है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा एसेट क्लास में ही पैसा लगा रहे हैं.

गोल्ड की भूमिका बदली

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भारतीय निवेश पोर्टफोलियो में गोल्ड की भूमिका अब अस्थायी नहीं, बल्कि ज्यादा स्थायी होती जा रही है. महंगाई की चिंता, रुपये में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच सोना निवेशकों को स्थिरता का भरोसा देता है.

हालांकि, कुछ एक्सपर्ट यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि ऊंचे भाव पर गोल्ड ETF में लगातार निवेश करना लंबी अवधि में जोखिम भरा साबित हो सकता है. इसके बावजूद ज्यादातर फंड मैनेजर्स मानते हैं कि लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए भले ही इक्विटी जरूरी हो, लेकिन मौजूदा माहौल में गोल्ड पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बन चुका है.

यह भी पढ़ें- PM Kisan 22nd Installment: इस तारीख से खाते में आ सकती है 22वीं किस्त, इन किसानों की अटक जाएगी रकम?

Khabar Monkey
the authorKhabar Monkey

Leave a Reply