टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी Vodafone Idea के शेयर में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. ग्लोबल ब्रोकरेज Citi की बुलिश रिपोर्ट के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है, जिसमें करीब 38% तक की संभावित तेजी का अनुमान जताया गया है. AGR राहत से कंपनी को सीधे करीब 16,500 करोड़ रुपये की राहत मिली है. हालांकि जोखिम अब भी बने हुए हैं.
Khabar Monkey

Vodafone Idea एक बार फिर निवेशकों के रडार पर आ गई है. हाल ही में आई Citi की रिपोर्ट ने स्टॉक को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया है. ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर के लिए 14 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 37-38% की संभावित तेजी को दर्शाता है.
क्यों आएगी तेजी?
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण लंबे समय से लंबित AGR विवाद में मिली राहत को माना जा रहा है. सरकार द्वारा AGR बकाया का पुनर्मूल्यांकन कर इसे करीब 64,000 करोड़ रुपये तक सीमित कर दिया गया है, जो पहले के कंपनी के अनुमान से लगभग 20% कम है. कंपनी के मुताबित एजीआर बकाया 80,500 करोड़ रुपये का है, जिसके हिसाब से उसे करीब 16,500 करोड़ रुपये की राहत मिली है. इससे कंपनी की देनदारियों को लेकर स्पष्टता आई है और भविष्य की फाइनेंशियल प्लानिंग आसान हो सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, इस बकाया पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं लगेगा और भुगतान के लिए लंबी अवधि की राहत भी दी गई है. करीब 10 साल का मोरेटोरियम और FY36-41 के बीच भुगतान की योजना कंपनी के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है.
Citi का कहना है कि कंपनी का वैल्यूएशन EV/EBITDA मॉडल पर आधारित है, जिसमें FY28 की संभावित कमाई पर 12x मल्टीपल लगाया गया है. हालांकि, कंपनी पर भारी कर्ज को देखते हुए यह मल्टीपल अन्य प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम रखा गया है. इसके बावजूद, जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं. कंपनी की बैलेंस शीट पर कर्ज का दबाव अब भी बना हुआ है और इसे संभालने के लिए सरकारी समर्थन जरूरी रहेगा. साथ ही, टेलीकॉम सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, टैरिफ में सीमित बढ़ोतरी और ग्राहकों को बनाए रखने की चुनौती भी कंपनी के सामने है.
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