
फैटी लिवर की बीमारी
आजकल फैटी लिवर के मामले बहुत बढ़ गए हैं. अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में फैटी लिवर ग्रेड-2 का आना आम होता जा रहा है. ग्रेड 2 को देखकर कई लोग घबरा जाते हैं, उन्हें लगता है कि ये कोई गंभीर बीमारी है. ग्रेड 2 फैटी लिवर होता क्या है. ये क्यों होता है और इसको कैसे कंट्रोल किया जा सकता है. इस बारे में जानते हैं.
दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डॉ. अजीत कुमार बताते हैं कि फैटी लिवर बहुत कॉमन हो गया है. हालांकि हर व्यक्ति में ग्रेड 2 नहीं होता है, ज्यादा मामले ग्रेड 1 के ही आते हैं, लेकिन ग्रेड 2 का मतलब है कि बीमारी शुरू हो गई है और इसको समय पर कंट्रोल करना जरूरी है. डॉ कुमार बताते हैं कि जब किसी व्यक्ति के लिवर की सेल्स में ज्यादा फैट हो जाता है तो ये फैटी लिवर होता है. इसकी अलग अलग ग्रेड हैं. ग्रेड 2 में ज्यादा फैट जमा हो जाता है. पहले ये समस्या शराब पीने वालों में देखी जाती थी, लेकिन अब बिना शराब पीने वालों में भी ये हो रहा है.
फैटी लिवर ग्रेड-2 का मतलब क्या है?
डॉ. कुमार बताते हैं कि लिवर में फैट बढ़ गया है और अब इसको तुरंत कम करने की जरूरत है. इस स्टेज में खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव करके भी समस्या पर काबू किया जा सकता है. कुछ मामलों में दवा की जरूरत भी पड़ सकती है. लेकिन अधिकतर लोगों में ये आसानी से काबू में आ सकता है. लेकिन अगर इसपे ध्यान नहीं दिया गया तो यह आगे चलकर लिवर सिरोसिस से लेकर लिवर के फेल होने तक का कारण बन सकता है.
डॉ कुमार कहते हैं कि फैटी लिवर ग्रेड 2 ऐसी स्टेज है जिसमें बीमारी को ठीक आसानी से भी किया जा सकता है, लेकिन कई लोग इसको हल्के में लेते हैं और खानपान में परहेज नहीं करते. आगे चलकर यही बड़ी समस्या बन जाती है.
फैटी लिवर ग्रेड-2 होता क्यों है?
ज्यादा तला-भुना खाना
जंक फूड खाना
मोटापा और पेट की चर्बी
हाई कोलेस्ट्रॉल
एक्सरसाइज न करना
फैटी लिवर ग्रेड-2 के लक्षण क्या होते हैं
थकान बने रहना
पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में भारीपन और हल्का दर्द
भूख कम लगना
वजन तेजी से बढ़ना
अपच की समस्या
फैटी लिवर ग्रेड-2 में क्या करें कि दवाएं न खानी पड़े
रोज़ कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें
वजन घटाएं
फास्ट फूड से दूरी बनाएं
हरी सब्ज़ियां और मौसम के हिसाब से फलों को डाइट में शामिल करें






