क्या आप भी सुबह उठकर मुट्ठी भर बादाम खाते हैं? सूखे बादाम की तुलना में भिगोए हुए बादाम शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन अगर इसे सही तरीके से न खाया जाए तो इसके पोषक तत्व बेकार हो सकते हैं। बादाम (Almond) को सुपरफूड की कैटेगरी में इसलिए रखा जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, फाइबर और विटामिन E जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। ये शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर रूपाली जैन ने बताया बादाम को आयुर्वेद में स्निग्ध यानी तैलीय माना गया है, जो शरीर में प्राकृतिक लुब्रिकेशन बढ़ाता है। इसकी तासीर गर्म होती है, जिससे यह शरीर को अंदर से पोषण और ऊर्जा देता है। रोजाना 5 से 7 बादाम का सेवन सेहत के लिए उपयुक्त है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आपकी जठराग्नि यानी Digestive Power अच्छी है, तो आप मात्रा थोड़ी बढ़ा सकते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन करने से पाचन पर असर पड़ सकता है, इसलिए संतुलन जरूरी है। बादाम की तासीर गर्म होती है इसलिए इसका गर्मी में सेवन पानी में भिगोकर किया जाए तो बेहतर होता है।
गैस्ट्रो लिवर हॉस्पिटल, कानपुर में सीनियर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट एवं लिवर स्पेशलिस्ट, डॉ. वी.के. मिश्रा के मुताबिक बादाम का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। बादाम खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। बादाम का सेवन धमनियों में ब्लॉकेज (Atherosclerosis) का खतरा कम करता है और हार्ट हेल्थ बेहतर बनाता है। रात को 4-5 बादाम पानी में भिगो दें और सुबह छीलकर खाली पेट खाएं, इससे पाचन बेहतर होगा और बॉडी को पर्याप्त पोषक तत्व मिलेंगे। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि रोज बादाम का सेवन करने से सेहत पर कैसा होता है असर और किस तरह खाने से सेहत को होगा ज्यादा फायदा।
डायबिटीज कंट्रोल करने में मिलती है मदद
नियमित रूप से बादाम खाने से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर करता है, जिससे डायबिटीज मैनेजमेंट आसान होता है। डायबिटीज मरीज रोजाना 5-6 बादाम का सेवन पानी में भिगोकर करें तो बॉडी को पर्याप्त पोषण मिलता है, इम्यूनिटी मजबूत होती है और डायबिटीज भी कंट्रोल रहती है।
वजन मैनेजमेंट में है मददगार
बादाम पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे ओवरईटिंग कम होती है और वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। बादाम में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो पेट को भरते हैं और भूख कम करते हैं। बादाम खाने से बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है और अनावश्यक स्नैकिंग से बचाव होता है। बादाम खाने से कुल कैलोरी intake कम होता है, जिससे वजन को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है।
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ड्राईनेस करते हैं कंट्रोल
आयुर्वेद के मुताबिक जिन लोगों को सूखापन (Dryness) की समस्या है जैसे स्किन, बाल या शरीर में रूखापन रहता है, उनके लिए बादाम फायदेमंद है क्योंकि इसमें मौजूद हेल्दी फैट्स शरीर को अंदर से पोषण देकर प्राकृतिक नमी बनाए रखने में मदद करते हैं।
नींद की कमी का होता है इलाज
बादाम में मैग्नीशियम और ट्रिप्टोफैन जैसे तत्व होते हैं, जो दिमाग को शांत करते हैं और बेहतर नींद लाने में सहायक होते हैं। जिन लोगों को नींद कम आती है वो रोज बादाम का सेवन भिगोकर करें।
जोड़ों में दर्द का होता है इलाज
इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करने में मदद करते हैं, जिससे जोड़ों के दर्द और अकड़न में राहत मिल सकती है।
लगातार थकान होती है तो बादाम खाएं
बादाम ऊर्जा का अच्छा स्रोत है, इसमें मौजूद प्रोटीन और हेल्दी फैट्स शरीर को लंबे समय तक एनर्जी देते हैं और कमजोरी कम करते हैं। अगर आप लगातार थकान महसूस करते हैं तो बादाम का सेवन करें।
तनाव कंट्रोल करता है बादाम
ज्यादा सोचने है और मानसिक तनाव कंट्रोल करना चाहते हैं तो बादाम खाएं। बादाम में मौजूद पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं, जिससे तनाव कम करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
बादाम छिलके सहित खाएं या बिना छिलके?
विशेषज्ञों के अनुसार बादाम को छिलके सहित खाना ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इसके छिलके में पॉलीफेनॉल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को अतिरिक्त सुरक्षा देते हैं।
क्या फ्रिज में रखने से पोषण कम होता है?
बादाम को फ्रिज में रखने से उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू पर कोई असर नहीं पड़ता। बल्कि इससे उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है और वह लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं।
रोस्टेड बादाम खाना सही है या नहीं?
एक्सपर्ट ने बताया बिना ज्यादा तेल और शुगर के रोस्टेड बादाम खाने से पोषण पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। हालांकि, ज्यादा तेल या मीठी कोटिंग वाले बादाम कैलोरी बढ़ा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है।किसी भी आहार परिवर्तन या स्वास्थ्य संबंधी उपाय को अपनाने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।





