तमिलनाडु की राजनीति में आज एक ही नाम गूंज रहा है थलपति विजय। रुझानों में उनकी पार्टी TVK जिस तरह 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, उसने स्पष्ट कर दिया है कि सिनेमाई पर्दे का यह शहंशाह अब राज्य की सत्ता की चाबी संभालने को तैयार है, लेकिन, जैसे-जैसे विजय मुख्यमंत्री की कुर्सी के करीब पहुंच रहे हैं, लोग उनके निजी जीवन के उन पन्नों को भी पलट रहे हैं जिन्हें सुपरस्टार ने हमेशा दुनिया की नजरों से दूर रखने की कोशिश की। विजय की इस महा-विजय के बीच एक नाम बार-बार चर्चा में आ रहा है संजय। क्या विजय का बेटा उनके राजनीतिक विरासत का वारिस बनेगा या पिता-पुत्र के बीच उपजा हालिया विवाद इस चमकते सितारे की कहानी में कोई नया मोड़ लेकर आएगा?

कौन है थलपति विजय का बेटा जेसन संजय?
थलपति विजय और संगीता सोरलिंगम के बड़े बेटे जेसन संजय का जन्म साल 2000 में लंदन में हुआ था। वह शुरू से ही अपने पिता की तरह सुर्खियों में रहने के बजाय पर्दे के पीछे रहकर काम करने के शौकीन रहे हैं। संजय ने अपनी स्कूली शिक्षा चेन्नई से पूरी की और उसके बाद उच्च शिक्षा के लिए कनाडा चले गए, जहां उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन और डायरेक्शन’की पढ़ाई की। जहाँ दक्षिण भारत के अधिकांश स्टार-किड्स अपने पिता की विरासत को एक्टिंग के जरिए आगे बढ़ाते हैं, वहीं संजय ने अपनी एक अलग राह चुनी है। उन्हें अभिनय से ज्यादा कैमरे के पीछे रहकर कहानी बुनने में दिलचस्पी है।
अभिनय की दुनिया और निर्देशन का डेब्यू
अगर बात संजय के फिल्मी सफर की करें तो वह अब तक एक भी फिल्म में मुख्य अभिनेता के तौर पर नजर नहीं आए हैं। हालांकि बचपन में उन्होंने अपने पिता की फिल्म ‘वेत्ताईकरण’ के एक गाने में कैमियो अपीयरेंस जरूर दी थी। संजय ने अब तक कई शॉर्ट फिल्में बनाई हैं, जिन्हें समीक्षकों ने सराहा है। हाल ही में सबसे बड़ी खबर यह आई कि संजय बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने मशहूर प्रोडक्शन हाउस लाइका प्रोडक्शंस के साथ अपना पहला प्रोजेक्ट साइन किया है। इंडस्ट्री में चर्चा है कि संजय अपने करियर को पूरी तरह से निर्देशन के प्रति समर्पित करना चाहते हैं, न कि अपने पिता की तरह सुपरस्टार बनने के लिए।
पिता-पुत्र के बीच विवाद और अदालती मामला
विजय और उनके परिवार के बीच विवाद तब खुलकर सामने आया जब विजय ने अपने पिता एसए चंद्रशेखर और मां शोभा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। विजय ने अदालत में एक मुकदमा दायर किया था जिसमें उन्होंने अपने माता-पिता और अपने नाम से जुड़ी 11 संस्थाओं को उनके नाम या फोटो का उपयोग करके राजनीतिक बैठकें करने या भीड़ जुटाने से रोकने की मांग की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार विजय नहीं चाहते थे कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य उनके नाम का इस्तेमाल कर किसी भी राजनीतिक गतिविधि को अंजाम दे। इसी दौरान यह खबरें भी उड़ीं कि विजय का अपने बेटे संजय के साथ भी वैचारिक मतभेद है। उनके बेटे जेसन ने अपने पिता का नाम भी अपने नाम के आगे से बटा दिया। इतना ही नहीं जेसन ने अपने पिता को सोशल मीडिया पर फॉलो करना भी बंद कर दिया था। जेसन ने ये कदम उनकी मां और पिता के तलाक की कानूनी कार्रवाई शुरू होने के बाद उठाया।
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जेसन ने अपने नाम के आगे लगे पिता के इनीशियल ‘वी’ को ‘एस’ से रिप्लेस कर दिया है। माना जा रहा है कि एस उनकी मां के नाम से लिया गया है, जो कि संगीता है। कई लोगों का मानना है कि उनकी डेब्यू फिल्म ‘सिगमा’ है, जिसका इनीशियल वो अपने नाम के आगे जोड़ रहे हैं।
राजनीतिक भविष्य और पारिवारिक संतुलन
आज जब विजय तमिलनाडु में 106 सीटों पर बढ़त के साथ एक नई क्रांति की ओर बढ़ रहे हैं तो सवाल यह उठता है कि क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद वह अपने बेटे और परिवार के साथ इन रिश्तों को फिर से सामान्य कर पाएंगे? एक तरफ विजय राज्य के ‘किंग’ बनने की राह पर हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे संजय फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। विजय ने हमेशा यह संदेश दिया है कि उनके लिए जनता और पार्टी का काम सबसे ऊपर है, लेकिन राजनीति में व्यक्तिगत छवि और पारिवारिक स्थिरता अक्सर वोटरों को प्रभावित करती है। क्या विजय अपने परिवार के साथ उपजे इस अघोषित विवाद को सुलझाकर एक आदर्श जननायक के रूप में उभरेंगे या फिर तमिलनाडु की यह नई सरकार सिर्फ विजय के इर्द-गिर्द सिमटी रहेगी? फिलहाल तमिलनाडु की जनता को उनकी जीत का इंतजार है और सिनेमा प्रेमियों को संजय के निर्देशन में बनने वाली पहली फिल्म का, जिसका उन्होंने हाल ही में ऐलान किया।





