अक्षय कुमार ने सामाजिक मुद्दों पर बेस्ड कई फिल्में बनाई हैं और रियल लाइफ हीरोज की कहानी पर्दे पर उतारी है, जिन्हें दर्शकों के बीच काफी पसंद किया गया। अब तक वह ‘मिशन मंगल’ से लेकर ‘एयरलिफ्ट’, ‘रुस्तम’ और ‘गोल्ड’ सहित कई ऐसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं, जिनकी कहानी सच्ची घटना पर आधारित थी। अक्षय की ऐसी ही फिल्मों में से एक ‘पैडमैन’ भी है, जो 2017 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में उनके साथ राधिका आप्टे लीड रोल में थीं और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी सफल थी। अक्षय कुमार और राधिका आप्टे स्टारर ये फिल्म भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले सामाजिक उद्यमी अरुणाचलम मुरुगनाथम की बयोग्राफी है, जिन्हें रियल लाइफ ‘पैडमैन’ कहा जाता है। अब मुरुगनाथम ने एक और बड़ा उपलब्धि हासिल की है। पैडमैन के नाम से मशहूर मुरुगनाथम के अनुसार, उन्हें साल 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।

तमिलनाडु के छोटे से गांव से निकलकर सबसे प्रतिष्ठित सम्मान तक
ये उपलब्धि सिर्फ मुरुगनाथम के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए बड़ी बात है। मुरुगनाथम तमिलनाडु के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखते हैं और अपने गांव से निकलकर उन्होंने सामाजिक उद्यमी के तौर पर अपनी पहचान बनाई और अब दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान के लिए नॉमिनेशन हासिल करने तक का उनका ये सफर वाकई प्रेरणादायक है। वहीं इस खबर के सामने आते ही अरुणाचलम मुरुगनाथम और उनकी जर्नी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
क्या बोले अरुणाचलम मुरुगनाथम?
एएनआई से बात करते हुए अरुणाचलम मुरुगनाथम ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपना नाम भेजे जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा- ‘पहले तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ। नोबेल पुरस्कार के लिए कोई भी व्यक्ति खुद ही अपना नाम नहीं भेज सकता और न ही आपका परिवार या दोस्त ऐसा कर सकते हैं। बल्कि, किसी तीसरे पक्ष का नामांकन करना होता है। पुडुचेरी के अरविंद आई हॉस्पिटल के एक डीन और वहां काम कर रही अमेरिकी टीमों ने मिलकर मेरा नाम नोबेल समिति को भेजा था, जिसे 24 घंटे के अंदर ही स्वीकार कर लिया गया। मुझे सच में बहुत गर्व महसूस हो रहा है।’
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नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए नामित उम्मीदवार
नोबेल शांति पुरस्कार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 2026 के लिए कुल 287 उम्मीदवारों को नॉमिनेट किया गया है। इनमें से 208 व्यक्ति और 79 संगठन शामिल हैं। अरुणाचलम मुरुगनाथम की बात करें तो वह ग्रामीण भारत की महिलाओं के लिए सस्ते सैनिटरी पैड उलब्ध कराने का अभियान चलाकर सुर्खियों में आए थे। उन्होंने एक कम लागत वाली मशीन से पैड तैयार किए और सस्ते दाम पर इन पैड्स को ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं तक पहुंचाने का काम किया। उनकी कहानी से प्रेरित होकर 2017 में अक्षय कुमार ने फिल्म बनाई ‘पैडमैन’, जिसे बेस्ट फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था।
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