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8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों का नया पे-स्केल कब से लागू होगा?

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनरों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है. लंबे इंतजार के बाद 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के गठन के साथ ही सैलरी और पेंशन में बंपर बढ़ोतरी का रास्ता साफ होता दिख रहा है. अगर आप भी सरकारी महकमे का हिस्सा हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि नया पे-स्ट्रक्चर आपकी जेब पर कितना असर डालेगा. महंगाई के इस दौर में न्यूनतम बेसिक पे में करीब तीन गुना उछाल की सुगबुगाहट ने कर्मचारियों के चेहरों पर रौनक ला दी है.

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों का नया पे-स्केल कब से लागू होगा?
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों का नया पे-स्केल कब से लागू होगा?

18 हजार से सीधा 51 हजार होगी बेसिक पे?

लागू होने पर सबसे बड़ा फायदा निचले स्तर के कर्मचारियों को होने की उम्मीद है. मौजूदा समय में जहां न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, वहीं नए ढांचे के तहत इसके उछलकर 51,480 रुपये तक पहुंचने के मजबूत अनुमान जताए जा रहे हैं. हालांकि, यह बढ़ोतरी सभी के लिए एक समान नहीं होगी. सरकार के पे-मैट्रिक्स में 18 अलग-अलग स्तर तय किए गए हैं. हर कर्मचारी और रिटायर्ड अधिकारी की मौजूदा बेसिक पे और उनके पे-लेवल के आधार पर ही उनका इंक्रीमेंट तय किया जाएगा.

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कैसे बढ़ेगी आपकी इन-हैंड सैलरी?

नए आयोग का काम सिर्फ सैलरी का आंकड़ा बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह भत्तों को तय करने की पूरी व्यवस्था को नया रूप दे सकता है. महंगाई भत्ता (डीए) का स्तर सीधे तौर पर आपकी सैलरी हाइक की दिशा तय करेगा. इसके अलावा, फिटमेंट फैक्टर में संभावित इजाफा कर्मचारियों की कुल आय को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा. इसका सीधा फायदा न सिर्फ नौकरीपेशा लोगों की हर महीने की इन-हैंड कमाई पर दिखेगा, बल्कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन और ग्रेच्युटी की रकम में भी शानदार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.

कब आएगा खाते में पैसा?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह नया वेतन ढांचा जमीन पर कब उतरेगा. आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग की अधिसूचना 17 जनवरी 2025 को जारी कर दी गई थी. सरकार की योजना इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी करने की है. उम्मीद है कि आयोग अपनी फाइनल रिपोर्ट 2027 के मध्य तक सौंप देगा. अगर पिछले वेतन आयोगों के ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो कमिटी के गठन से लेकर सिफारिशों के लागू होने तक आम तौर पर दो से साढ़े तीन साल का वक्त लग ही जाता है. ऐसे में कर्मचारियों को अपने बैंक खाते में असल बढ़ोतरी देखने के लिए 2026 के आखिर या 2027 तक का संयम बरतना पड़ सकता है.

जानें कौन तय कर रहा नया फॉर्मूला

सरकार ने इस बार सैलरी स्ट्रक्चर और पेंशन के नए फॉर्मूले को आकार देने के लिए एक बेहद कद्दावर और अनुभवी टीम मैदान में उतारी है. सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को इस महत्वपूर्ण पैनल की कमान सौंपी गई है. उनके साथ प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य पुलक घोष और पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन (सदस्य-सचिव) भी इस टीम का अहम हिस्सा हैं. यह पैनल बंद कमरों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम कर रहा है. कर्मचारी यूनियनों, श्रमिक संगठनों और पेंशनर्स असोसिएशन के साथ बातचीत का सिलसिला शुरू हो चुका है. हाल ही में, मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान सभी पक्षों की राय जानने के लिए कई दौर की अहम बैठकें भी पूरी कर ली गई हैं.

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