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Career in Merchant Navy: बजट में जल मार्ग बनाने की बात! आपको पता है मर्चेंट नेवी क्या है और इसमें करियर कैसे बनता है?

Career in Merchant Navy: बजट में जल मार्ग बनाने की बात! आपको पता है मर्चेंट नेवी क्या है और इसमें करियर कैसे बनता है?
Career in Merchant Navy: बजट में जल मार्ग बनाने की बात! आपको पता है मर्चेंट नेवी क्या है और इसमें करियर कैसे बनता है?

सांकेतिक तस्वीरImage Credit source: Chat GPT

Career in Merchant Navy: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में आम बजट 2026 पेश किया. जिसमें सरकार की ओर से देश में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है. इससे आयात-निर्यात जैसी सुविधा को बूस्ट मिलेगा और करियर के भी नए ऑप्शन सामने आएंगे. जलमार्ग से सामान को एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचाना काफी आसान और तुलनात्मक रूप से किफायती होता है इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है और अगले 5 सालों में जलमार्गों का निर्माण किया जाएगा.

जलमार्ग दरअसल ऐसे परिवहन रास्ते होते हैं जिनके जरिए नदियों, नहरों और समुद्री मार्गों से माल और यात्रियों की आवाजाही होती है. सड़क और रेल की तुलना में जलमार्ग सस्ते, ईंधन की कम खपत वाले और पर्यावरण के अनुकूल माने जाते हैं. भारत में लंबा समुद्री तट और बड़ी नदियों का नेटवर्क होने के बावजूद जलमार्गों का अभी तक सीमित इस्तेमाल हुआ है जिसे बढ़ाने की दिशा में बजट में यह प्रस्ताव अहम कदम माना जा रहा है.

व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण

व्यापार के लिहाज से जलमार्ग बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनके जरिए भारी और थोक माल जैसे कोयला, लौह अयस्क, अनाज, सीमेंट और पेट्रोलियम उत्पाद कम लागत में लंबी दूरी तक पहुंचाए जा सकते हैं. देश के आयात-निर्यात में मर्चेंट नेवी की भूमिका यहीं से शुरू होती है. मर्चेंट नेवी के जहाज देश और दुनिया के बीच सामान की ढुलाई करते हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गति देते हैं. भारत के लगभग 90 फीसदी विदेशी व्यापार का हिस्सा समुद्री मार्गों से ही होता है जिससे साफ है कि जलमार्ग और मर्चेंट नेवी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं.

मर्चेंट नेवी में बढ़ीं संभावनाएं

जलमार्गों के विस्तार के साथ मर्चेंट नेवी में करियर की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं. मर्चेंट नेवी दरअसल एक व्यावसायिक शिपिंग सेवा है जिसमें कार्गो शिप, टैंकर और कंटेनर जहाज शामिल होते हैं. इसमें डेक ऑफिसर, मरीन इंजीनियर, नेविगेशन ऑफिसर और इलेक्ट्रो-टेक्निकल ऑफिसर जैसे पद होते हैं. यह करियर उन युवाओं को आकर्षित करता है जो तकनीकी ज्ञान के साथ समुद्र में काम करने और अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने की इच्छा रखते हैं.

मेडिकल फिटनेस भी है जरूरी

मर्चेंट नेवी में करियर बनाने के लिए आमतौर पर 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) जरूरी होती है. डेक साइड के लिए नेविगेशन से जुड़े कोर्स और इंजीनियरिंग साइड के लिए मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनी होती है. जो DG Shipping से मान्यता प्राप्त संस्थानों से होती है. इसके अलावा मेडिकल फिटनेस भी जरूरी है.

शुरुआती दौर में कैडेट या ट्रेनी के रूप में सैलरी करीब 25 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह हो सकती है जो एक्सपीरियंस और रैंक के साथ बढ़कर लाखों रुपये प्रति माह तक पहुंच जाती है. बजट में जलमार्गों पर फोकस के साथ मर्चेंट नेवी आने वाले समय में युवाओं के लिए एक मजबूत और स्थिर करियर विकल्प बनकर उभर रही है.

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