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गर्दन और सिर के पीछे दर्द क्या हाई बीपी का लक्षण है?

गर्दन और सिर के पीछे दर्द क्या हाई बीपी का लक्षण है?
गर्दन और सिर के पीछे दर्द क्या हाई बीपी का लक्षण है?

गर्दन और सिर के पीछे दर्द Image Credit source: Getty Images

आजकल तनाव और व्यस्त लाइफस्टाइल के कारण कई लोगों को गर्दन और सिर के पीछे दर्द की शिकायत बढ़ती जा रही है. यह दर्द अक्सर सामान्य थकान या नींद की कमी से जोड़ा जाता है, लेकिन कभी-कभी इसे अनदेखा करना खतरनाक भी हो सकता है. दर्द अचानक शुरू हो सकता है या धीरे-धीरे बढ़ता है. कई लोग इसे सिर्फ मांसपेशियों की थकान मान लेते हैं, जबकि कुछ मामलों में यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या, खासतौर पर ब्लड प्रेशर से जुड़ी परेशानी का संकेत भी हो सकता है.

ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि यह दर्द कब सामान्य है और कब सावधानी बरतने की जरूरत है. अगर दर्द बार-बार हो रहा है या लंबे समय तक बना रहता है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. सही समय पर जानकारी और जांच से गंभीर समस्या से बचा जा सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या गर्दन और सिर के पीछे दर्द हाई बीपी का लक्षण हो सकता है.

क्या गर्दन और सिर के पीछे दर्द हाई बीपी का लक्षण है?

आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि गर्दन और सिर के पीछे दर्द कभी-कभी हाई ब्लड प्रेशर का संकेत हो सकता है. जब ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक बढ़ता है, तो खून की नसों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे सिर और गर्दन में दर्द महसूस हो सकता है. यह दर्द अक्सर धीरे-धीरे बढ़ता है और लंबे समय तक बना रह सकता है.

कुछ लोगों को सुबह के समय या तनाव वाली स्थिति में यह दर्द ज्यादा महसूस होता है. हालांकि हर दर्द हाई बीपी का संकेत नहीं होता, लेकिन अगर दर्द बार-बार हो रहा है और साथ में चक्कर, थकान या धड़कन तेज होना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर जांच और सही देखभाल से गंभीर समस्या को रोका जा सकता है.

गर्दन और सिर के पीछे दर्द के अलावा कौन से लक्षण दिखते हैं?

हाई बीपी के कारण केवल दर्द ही नहीं बल्कि अन्य लक्षण भी नजर आ सकते हैं. इसमें सिर घूमना, धड़कन तेज होना, थकान महसूस होना और धुंधला दिखाई देना शामिल हैं. कुछ लोगों को चक्कर आने या हल्का-सा घूमने जैसा महसूस भी हो सकता है.

लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर होने पर याददाश्त प्रभावित हो सकती है और कभी-कभी आंखों में धुंधलापन या हल्की रोशनी में तेज रौशनी से परेशानी भी महसूस हो सकती है. यह सभी लक्षण समय रहते पहचाने जाएं तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है.

कैसे करें बचाव?

नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक करें.

तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें.

संतुलित और कम नमक वाला आहार अपनाएं.

पर्याप्त नींद लें.

ज्यादा तेल और तैलीय भोजन से बचें.

नियमित व्यायाम करें.

शराब और धूम्रपान से बचें.

दर्द या अन्य लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लें.

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