
कौन हैं मीर हाजीभाई
कल यानी 26 जनवरी को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाने जा रहा है. हर साल की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले पद्म पुरुस्कारों का अनाउंसमेंट किया गया है. केंद्र सरकार की ओर से जारी की गई लिस्ट में अंके गौड़ा, आर्मिडा फर्नांडिस, भगवानदास रायकर, भिकल्या लाडक्या ढिंडा, बृज लाल भट्ट, बुधरी ताठी, चरण हेम्ब्रम, चिरंजी लाल यादव और धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करने का ऐलान किया गया. इसी लिस्ट में एक नाम मीर हाजीभाई कसमभाई का भी है.
खबरों के मुताबिक, मीर हाजीभाई को आर्ट और संगीत के क्षेत्र में अपने अहम योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा. पद्मश्री भारत के नागरिकों को दिए जाने वाले सबसे बड़े सम्मानों में से एक है. ऐसे में आइए जानते हैं कि मीर हाजीभाई कौन हैं.
ये भी पढ़ें- गौड़ा-भट्ट-रायकर समेत इन-इनको पद्मश्री पुरस्कार, गुमनाम नायकों को मिला इनाम
कौन हैं हाजीभाई मीर?
मीर हाजीभाई गुजरात राज्य से ताल्लुक रखते हैं. हाजीभाई मीर को प्यार से लोग हाजी रमकोडू के नाम से जानते हैं. उन्होंने गुजराती लोक संगीत की दुनिया में बहुत काम किया है. हाजीभाई एक ढोलक वादक हैं और जिस तरह से वो ढोलक बजाते हैं, ऐसा लगता है जैसे उनके हाथों में कोई खिलौना हो, इसलिए उन्हें प्यार से लोग हाजी रमकोडू कहते हैं. रमकोडू शब्द का मतलब ‘खिलौना’ होता है. हाजीभाई मीर को उनकी गौ सेवा के लिए भी जाना जाता है.
#WATCH | Padma Awards: As per sources, Mir Hajibhai Kasambhai from Gujarat will be conferred the Padma Shri 2026 in the field of Art. pic.twitter.com/RaaF1xySq7
— ANI (@ANI) January 25, 2026
3000 प्रोग्राम में किया परफॉर्म
हाजीभाई मीर ने ढोलक को भजनों, गजल, कव्वाली और गीतों का एक अभिन्न अंग बना दिया. हाजीभाई ने लगभग 3000 प्रोग्राम में परफॉर्म किया है, जिनसे इकट्ठा किए गए पैसों से गौ सेवा का काम किया जाता है. उन्होंने 1000 से भी ज्यादा स्टेज शोज किए हैं, जहां उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया है. हाजीभाई ने तीन दशकों तक अपनी अद्भुत प्रतिभा से लोगों का मनोरंजन किया है. अब उन्हें अपने इस योगदान के लिए भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में से एक पद्मश्री अवॉर्ड के सम्मानित किया जाएगा.






