
नवादा; बिहार के नवादा जिले से सामने आई एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। रोह प्रखंड के कोशी गांव में एक ग्रामीण डॉक्टर की नृशंस हत्या कर दी गई। अपराधियों ने न सिर्फ डॉक्टर की जान ली, बल्कि शव को दो हिस्सों में काटकर पेट्रोल और पुआल से जला दिया, ताकि पहचान और सबूत दोनों मिटाए जा सकें। शुक्रवार सुबह खेत से अधजला शव मिलने के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
10 साल से गांव की सेवा कर रहे थे अशोक मिस्त्री
मृतक की पहचान 45 वर्षीय अशोक मिस्त्री के रूप में हुई है, जो गोरीहारी गांव के निवासी थे और कोशी गांव में निजी क्लीनिक चलाते थे। बीते लगभग दस वर्षों से वे ग्रामीण स्तर पर चिकित्सा सेवा दे रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, अशोक मिस्त्री जरूरतमंद मरीजों का कई बार मुफ्त इलाज भी करते थे, जिस कारण गांव में उनकी अच्छी छवि थी।
गुरुवार रात से लापता, सुबह खेत में मिला जला शव
परिजनों ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 7 बजे अशोक मिस्त्री की पत्नी से उनकी आखिरी बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था कि रात 9 बजे तक घर लौट आएंगे। लेकिन इसके बाद मोबाइल फोन बंद हो गया। जब पूरी रात उनका कोई पता नहीं चला, तो शुक्रवार सुबह रोह थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसी दौरान सूचना मिली कि गांव से करीब 500 मीटर दूर खेत से धुआं उठ रहा है। मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि वहां एक शव जल रहा है।
चेहरे के अवशेषों से हुई पहचान
शव इतनी बुरी तरह जला हुआ था कि पहचान करना मुश्किल हो गया था। हालांकि चेहरे के बचे हिस्से, कपड़ों के टुकड़े और शारीरिक बनावट के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान अशोक मिस्त्री के रूप में की। शव कमर के पास से दो हिस्सों में कटा हुआ था और दोनों हिस्सों को अलग-अलग तरीके से जलाने के संकेत मिले हैं।
पहले हत्या, फिर सबूत मिटाने की कोशिश
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि डॉक्टर की पहले बेरहमी से पिटाई की गई, इसके बाद उनकी हत्या की गई। हत्या के बाद शव को खेत में ले जाकर पेट्रोल और पुआल से जलाया गया, ताकि पहचान छिपाई जा सके। शव के पास से कोई निजी सामान या मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है।
मोबाइल लोकेशन ने बढ़ाई गुत्थी
परिजनों के अनुसार, पुलिस द्वारा मोबाइल ट्रैक करने पर लोकेशन कभी जमुई तो कभी लखीसराय की दिखाई दे रही थी, जिससे मामले की गुत्थी और उलझ गई। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे कोई साजिश तो नहीं है।
एफएसएल और डॉग स्क्वायड जांच में जुटे
घटना की सूचना मिलते ही रोह थानाध्यक्ष रंजन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में डीएसपी हुलास कुमार और अन्य वरीय अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पटना से एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
रंजिश या पैसों का विवाद? हर एंगल से जांच
डीएसपी हुलास कुमार ने बताया कि जिस तरह से हत्या को अंजाम दिया गया है, उससे यह प्रतिशोधात्मक वारदात प्रतीत होती है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन, पेशेगत विवाद और व्यक्तिगत रंजिश जैसे सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। नवादा एसपी अभिनव धीमान ने कहा है कि मामला अत्यंत गंभीर है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
इलाके में दहशत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस निर्मम हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर एक डॉक्टर भी सुरक्षित नहीं है, तो आम लोग कैसे खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे। यह वारदात कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।






