
आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में यंग जनरेशन करियर, मेंटल हेल्थ और पर्सनल फ्रीडम को काफी ज्यादा अहमियत दे रही हैं. ऐसे में उन्हें लगता है कि पुराने जमाने की तरह रिश्ते निभाना कई बार बोझ बन जाता है. इन दिक्कतों की वजह से ही लोगों के बीच तरह-तरह के डेटिंग टर्म हर दिन वायरल हो रहे होते हैं. क्वांटम डेटिंग इन्हीं में से एक है. क्वांटम डेटिंगउन्हें बिना किसी दबाव के कनेक्ट होने का मौका देती है. यहां न तो भविष्य की प्लानिंग होती है और न ही ब्रेकअप का डर होता है. क्वांटम डेटिंग एक ऐसा डेटिंग ट्रेंड है जिसमें लोग एक साथ कई इमोशनल कनेक्शन एक्सप्लोर करते हैं. इसमें रिश्ते फिक्स नहीं होते और आज का कनेक्शन कल बदल भी सकता है.
क्या है क्वांटम डेटिंग
क्वांटम डेटिंग का मतलब होता है ऐसे रिश्ते जो एक ही समय में हां भी होता हैं और ना भी. इस ट्रेंड में लोग किसी एक इंसान से बंधकर नहीं रहना चाहते हैं. लोग अलग अलग लोगों से मिलते हैं बात करते हैं और इमोशनल लेवल पर खुद को एक्सप्लोर करते हैं. इसमें ये जरूरी नहीं कि आप किसी को बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड कहें या किसी तरह के बंधे हुए रिश्ते में रहें. युवा इसे आजादी, कम दबाव और खुद को समझने का तरीका मान रहे हैं.
सोशल मीडिया ने दिया बढ़ावा
सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स ने भी इस ट्रेंड को काफी बढ़ावा दिया है. हर दिन नए लोग नए ऑप्शन और नए एक्सपीरियंस सामने आते हैं. युवा मानते हैं कि जब तक सही इंसान न मिले तब तक खुद को किसी एक रिश्ते में बांधना जरूरी नहीं. क्वांटम डेटिंग उन्हें ये स्पेस देती है कि वो अपनी फीलिंग्स को बिना लेबल के समझ सकें. कई बार दो दोस्तों के बीच भी क्वांटम डेटिंग दिखने को मिल सकता है. हालांकि इस ट्रेंड के अपने फायदे और नुकसान दोनों हैं.
फायदे भी और नुकसान भी
एक तरफ ये इमोशनल फ्रीडम और सेल्फ ग्रोथ का मौका देता है. दूसरी तरफ इसमें इमोशनल कन्फ्यूजन और असुरक्षा भी हो सकती है. कई बार सामने वाला इंसान अलग उम्मीदें रख सकता है जिससे दिल टूटने का खतरा बढ़ जाता है. कई केस में ऐसा भी देखा गया है कि इस रिश्ते में एक इंसान काफी सिरियस हो जाता है बल्कि दूसरा इंसान नहीं होता है जिस वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. कुल मिलाकर क्वांटम डेटिंग प्यार का नया फॉर्मूला बनकर उभर रहा है. ये दिखाता है कि रिश्ते अब पुराने नियमों से बाहर निकल रहे हैं. आने वाले समय में ये ट्रेंड और भी ज्यादा चर्चा में रह सकता है क्योंकि युवा अब रिश्तों में आजादी और ईमानदारी दोनों चाहते हैं.






