
माघ मेले में बसंत पंचमी का स्नानImage Credit source: AI ChatGpt
Basant Panchami Magh Mela 2026 Snan: हर साल माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन बसंत पंचमी का पर्व मानाया जाता है. ये पर्व ज्ञान, वाणी और बुद्धि की देवी माता सरस्वती को समर्पित किया गया है. मान्यता है कि माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन ही माता सरस्वती प्रकट हुईं थीं. बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा-अराधना बहुत फलदायी मानी गई है. साल 2026 में कल बसंत पंचमी मनाई जाएगी.
माघ मेले में हर साल बसंत पंचमी का शुभ स्नान किया जाता है. बसंत पंचमी के दिन प्रयागराज के माघ मेले में बड़ी संख्या में संगम और गंगा के तटों पर लोगों की भीड़ नजर आती है. मेला प्रशासन बसंत पंचमी के स्नान की तैयारियों में जुटा हुआ है. मेला प्राधिकरण ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि कल माघ मेले में बसंत पंचमी का स्नान किस समय शुरु होगा?
कल कब शुरू होगा बसंत पंचमी का स्नान? (Basant Panchami 2026 Snan Time In Magh Mela)
बसंत पंचमी माघ मेले का चौथा प्रमुख स्नान है. इससे पहले माघ मेले में पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या का स्नान किया जा चुका है. बसंत पंचमी पर संगम और गंगा तटों पर स्नान ब्रह्म मुहूर्त में शुरू होगा. कल ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 26 मिनट पर प्रारंभ होगा. ये शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. माघ मेले में कल इस मुहूर्त में स्नान विशेष फलदायी साबित होगा.
बसंत पंचमी के स्नान का महत्व (Basant Panchami Snan Significance)
माघ मेले में बसंत पंचमी के स्नान का महत्व बहुत अधिक है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिन प्रयागराज में संगम और गंगा नदी में डुबकी लगाने से आत्मशुद्धि होती है. इतना ही नहीं मान्यता है कि देवताओं ने भी बसंत पंचमी के दिन गंगा नदी में आकर स्नान किया था. इसी कारण साधु संत और अखाड़े इस दिन संगम और गंगा में विशेष स्नान करते हैं.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.






