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असम के CM सरमा के बयान पर भड़का बांग्लादेश, भारतीय उच्चायुक्त को तलब कर जताई आपत्ति

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक बयान पर बांग्लादेश ने गहरी आपत्ति जताई है और इस तरह की बयानबाजी से बचने की सलाह दी. सीएम सरमा के बयान को लेकर बांग्लादेश ने कल गुरुवार को बांग्लादेश में भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बाधे को तलब किया और असम के मुख्यमंत्री की टिप्पणियों पर कड़ा विरोध जताया. साथ ही, यह भी कहा कि उन टिप्पणियों से बचा जाना चाहिए जिनसे दोनों देशों के आपसी संबंधों को ठेस पहुंच सकता हो.

असम के CM सरमा के बयान पर भड़का बांग्लादेश, भारतीय उच्चायुक्त को तलब कर जताई आपत्ति
असम के CM सरमा के बयान पर भड़का बांग्लादेश, भारतीय उच्चायुक्त को तलब कर जताई आपत्ति

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय (MoFA) में हुई एक बैठक के दौरान, महानिदेशक (दक्षिण एशिया) इशरत जहां ने कार्यवाहक भारतीय उच्चायुक्त को ढाका की नाराजगी के बारे में बताया. बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायुक्त पवन से इन टिप्पणियों को भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों के लिए अपमानजनक बताया और भारत के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की. हालांकि, विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में किसी तरह का कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया.

CM सरमा ने पोस्ट में क्या लिखा

इससे पहले सीएम सरमा ने 25 अप्रैल को अपने एक पोस्ट में कहा था कि असम में 20 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया और उन्हें वापस बांग्लादेश भेज दिया गया. भारतीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सरमा ने अपने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, “लातों के भूत बातों से नहीं मानते. हम तब असम से उन घुसपैठियों को बाहर निकालते हैं जब वो खुद से नहीं जाते. ऐसे में हम लगातार इस कहावत को याद करते हैं. जैसे, ये 20 अवैध बांग्लादेशी जिन्हें कल रात ‘धक्का देकर वापस’ (Pushed Back) भेज दिया गया.”

उन्होंने आगे कहा, “असम लड़ेगा. वापस भेजने का यह सिलसिला जारी रहेगा. सरमा ने इस पोस्ट के साथ उन लोगों की 2 तस्वीरें भी लगाई थी जिन्हें वापस भेजा गया था, लेकिन उनके चेहरे धुंधले कर दिए गए थे.

बांग्लादेश ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में तनाव पैदा करने वाले सार्वजनिक बयान नुकसानदेह होते हैं, और संवेदनशील द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करते समय संयम बरतने के महत्व को रेखांकित किया.

khabarmonkey@gmail.com

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