Rishi Kapoor Death Anniversary Special Story: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर को उनके रोमांटिक किरदारों के लिए हमेशा याद किया जाता है, लेकिन अपने लंबे करियर में उन्होंने कई ऐसे फैसले भी लिए, जिन्होंने उनके अभिनय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। 30 अप्रैल 2020 को उनके निधन ने पूरे देश को गमगीन कर दिया था, लेकिन आज भी उनकी फिल्मों और किरदारों के जरिए वह दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं।

ऋषि कपूर की पुण्यतिथि पर एक ऐसा ही दिलचस्प किस्सा फिर चर्चा में है, जब उन्होंने अपने डर को हराकर एक यादगार निगेटिव किरदार निभाया था। दरअसल, साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म ‘अग्निपथ’ में ऋषि कपूर ने रऊफ लाला का खतरनाक किरदार निभाया था। यह उनके करियर का एक ऐसा मोड़ था, जहां उन्होंने अपनी स्थापित रोमांटिक इमेज से हटकर कुछ बिल्कुल अलग करने का फैसला लिया। हालांकि, शुरुआत में वह इस रोल को करने के लिए तैयार नहीं थे।
ऋषि कपूर बने खलनायक
फिल्म के निर्देशक करण मल्होत्रा और निर्माता करण जौहर ने उन्हें इस किरदार के लिए काफी मनाया। लगभग एक महीने तक चली बातचीत के बाद आखिरकार ऋषि कपूर इस रोल के लिए राजी हुए। उनके मन में डर था कि उन्होंने हमेशा रोमांटिक किरदार निभाए हैं और ऐसे में वे एक खलनायक के रूप में दर्शकों को प्रभावित नहीं कर पाएंगे। उन्हें यह भी चिंता थी कि अगर उनका किरदार कमजोर रहा तो फिल्म पर असर पड़ सकता है।
ऋषि कपूर की परफॉर्मेंस
लेकिन रिलीज के बाद कहानी बिल्कुल उलट साबित हुई। ‘अग्निपथ’ में रऊफ लाला के रूप में की परफॉर्मेंस ने दर्शकों और समीक्षकों को हैरान कर दिया। उनके किरदार में जो क्रूरता और गहराई दिखाई दी, वह उनके करियर के सबसे यादगार रोल्स में शामिल हो गई। इस फिल्म में ऋतिक रोशन लीड रोल में थे, जबकि संजय दत्त ने भी एक दमदार निगेटिव किरदार निभाया था। इसके बावजूद ऋषि कपूर अपने अलग अंदाज से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाने में सफल रहे।
अग्निपथ का शानदार प्रदर्शन
पर भी अग्निपथ ने शानदार प्रदर्शन किया। करीब 71 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 194 करोड़ रुपये की कमाई की थी। इसमें प्रियंका चोपड़ा, ओम पुरी और पंकज त्रिपाठी जैसे कलाकार भी नजर आए थे। आज, उनकी पुण्यतिथि पर यह किस्सा यह याद दिलाता है कि एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी जीत अपने डर को हराना होता है।





