Thursday, April 30, 2026
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दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, Karisma Kapoor के बच्चों को राहत, संजय कपूर की संपत्ति बेचने पर लगी रोक

Karisma Kapoor Legal Case: संजय कपूर की संपत्ति से जुड़े मामले में करिश्मा कपूर और उनके बच्चों समायरा व कियान को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ आदेश देते हुए कहा है कि जब तक इस मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक संजय कपूर की किसी भी संपत्ति को बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। यह फैसला उस याचिका के बाद आया, जिसमें करिश्मा कपूर के बच्चों ने संजय कपूर की वसीयत की वैधता पर सवाल उठाए थे।

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, Karisma Kapoor के बच्चों को राहत, संजय कपूर की संपत्ति बेचने पर लगी रोक
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, Karisma Kapoor के बच्चों को राहत, संजय कपूर की संपत्ति बेचने पर लगी रोक

अदालत ने माना कि जब तक वसीयत की सच्चाई स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक संपत्ति को सुरक्षित रखना जरूरी है। अदालत ने सिर्फ संपत्ति ही नहीं, बल्कि संजय कपूर के बैंक खातों पर भी सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने बैंक अकाउंट्स के संचालन पर रोक लगाते हुए उन्हें फ्रीज करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही खातों में होने वाले सभी लेन-देन की जानकारी अदालत को देने के निर्देश दिए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी प्रिया कपूर को सौंपी गई है।

वसीयत की वैधता पर सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि वसीयत की वैधता अब ट्रायल का विषय है और इस पर अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों के आधार पर लिया जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि अगर बाद में वसीयत को फर्जी पाया जाता है, तो इससे बच्चों के अधिकारों को नुकसान पहुंच सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रिया कपूर अब संजय कपूर की संपत्ति से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला नहीं ले सकतीं। उन्हें यह साबित करना होगा कि वसीयत असली और वैध है। तब तक न तो संपत्ति बेची जा सकती है और न ही उसमें किसी तरह का बदलाव किया जा सकता है।

विदेशी खाते और क्रिप्टो पर भी नजर

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए के विदेशी बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी पर भी रोक लगा दी है। यानी प्रिया कपूर अब इन संसाधनों को भी न बेच सकती हैं और न ही ट्रांसफर कर सकती हैं। सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि इस समय सबसे जरूरी है कि संपत्ति को सुरक्षित रखा जाए, ताकि अंतिम फैसले के बाद किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो। इस फैसले के बाद और उनके बच्चों को बड़ी राहत मिली है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रायल के दौरान वसीयत की सच्चाई क्या सामने आती है और कोर्ट का अंतिम फैसला किसके पक्ष में जाता है।

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