ईरान के मुंबई स्थित मिशन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप ने भारत और चीन को हेलहोल (बहुत खराब जगह) कहा था. इसके जवाब में ईरान के मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर ट्रंप को कल्चरल डिटॉक्स लेने की सलाह दी. ईरानी मिशन ने लिखा, शायद ट्रंप को एकतरफा कल्चरल डिटॉक्स पर भेज देना चाहिए, इससे शायद बेवजह की बकवास कम हो जाए. कभी भारत आकर देखो, फिर बोलना. इस पोस्ट के साथ महाराष्ट्र की सुंदर तस्वीरें भी साझा की.

Maybe someone should book a one-way cultural detox for Mr. #Trump, it might just reduce the random bakwaas
Kabhi #India aa ke dekho, phir bolna. pic.twitter.com/kkocLZ31XX
— Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) April 23, 2026
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, ट्रंप ने एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें कंजरवेटिव पॉडकास्ट होस्ट माइकल सैवेज की बातों को दोहराया गया था. इस पोस्ट में अमेरिका के उस कानून की आलोचना की गई थी, जिसके तहत वहां जन्म लेने वाले हर बच्चे को नागरिकता मिल जाती है. इसी दौरान भारत और चीन को हेलहोल कहा गया. पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि भारतीय टेक इंडस्ट्री में काम करने वाले लोग अमेरिकी मूल के लोगों को नौकरी नहीं देते और भारतीयों को अंग्रेजी नहीं आती.
भारत सरकार ने इन टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि ये बयान गलत और अनुचित हैं. उन्होंने साफ कहा कि ऐसे बयान भारत और अमेरिका के रिश्तों की सच्चाई को नहीं दिखाते, जो आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित हैं. इस मामले में हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने भी चिंता जताई.
अमेरिका ने स्पष्टीकरण दिया
इसके बाद भारत में अ ने मामले को संभालने की कोशिश की. प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत एक महान देश है, जिसके शीर्ष पर उनके बहुत अच्छे मित्र हैं. यह विवाद ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले महीने भारत आने वाले हैं. उनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच हाल के तनाव को कम करना है.
अमेरिका और भारत के संबंध मजबूत माने जाते हैं. अमेरिका, भारत को चीन के मुकाबले एक अहम साझेदार के रूप में देखता है. ऐसे में ट्रंप के ये बयान दोनों देशों के रिश्तों के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकते हैं.






