Wednesday, February 25, 2026
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जरूरी है घर के बुजुर्गों, को स्वस्थ व खुश रखना इस प्रकार रखें उनका ध्यान

जरूरी है घर के बुजुर्गों, को स्वस्थ व खुश रखना इस प्रकार रखें उनका ध्यान

कहा जाता है जिस घर में बुजुर्गों का साया होता है उस घर से जुड़ी कई तकलीफें आसानी से हल हो जाती हैं। बुजुर्गों का अनुभव और आशीर्वाद हमेशा आगे बढ़ने की ओर अग्रसर करता है।हालांकि उनका हर बात में रोकटोक करना आज की पीढ़ी को अखरता है लेकिन ठंडे दिमाग से जब युवा सोचता है तो उसे लगता है उसके दादा या पिता सही थे। बुजुर्गों कभी भी अपने बच्चों से पूरी तरह खुश नहीं रहते हैं। उन्हें ऐसा महसूस होता है कि जितना उन पर ध्यान देने की जरूरत है उतना वे ध्यान दे नहीं पाते हैं। यदि ऐसा महसूस होता है तो जरूरत है आप उनके प्रति अपना व्यवहार बदलें। वैसे कहा गया है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है वैसे-वैसे बुजुर्ग बच्चे बनते चले जाते हैं। ऐसे में आपको अपने बुजुर्गों से ऐसा व्यवहार करने की जरूरत होती है जैसा आप अपने बच्चों के साथ करते हो। आपका अपनापन और प्यार उन्हें सुरक्षित माहौल प्रदान करता है। आपका प्रतिदिन उनके वार्तालाप करना उन्हें इस बात का विश्वास दिलाता है आप उनके प्रति कितने जागरुक और चिंतित हैं। आज हम अपने पाठकों को कुछ ऐसी बातों के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने घर के बुजुर्गों को खुश रख सकते हैं, उनकी तकलीफ को दूर कर सकते हैं। आप उन्हें यह विश्वास दिला सकते हैं कि आप उनके साथ हैं। 

व्यक्तिगत समस्याओं पर लें परामर्श

यदि आप किसी परेशानी में हैं और उसे सॉल्व नहीं कर पा रहे हैं तो आप उनसे परामर्श करें। हो सकता है उनका अनुभव आपकी समस्या को दूर करने का उपाय बताए। ऐसा होने पर उन्हें भी विश्वास होगा वे आपके लिए कितने जरूरी हैं। ऐसे में आप उनसे हर तरह का परामर्श लें और ज़रूरी बातें शेयर करें। उनके गुस्से को सहना सीखें। कभी भी उनका विरोध न करें। प्रयास करें आप कोई ऐसी बात या शब्द न बोलें जिससे उन्हें ठेस पहुँचे। 
तनाव से रखें दूर

जहां तक संभव हो आप उन्हें हर प्रकार के तनाव से दूर रखें। विशेष रूप से उनके भविष्य को लेकर उनकी चिंता दूर करें। उन्हें इस बात का अहसास करवाएं कि आप उनके साथ हैं। उनके बिना आप कुछ भी नहीं हैं। बढ़ती उम्र में याददाश्त कमजोर हो जाती है। इंसान भूलने लगता है। बुजुर्ग अपने स्वास्थ्य को लेकर डरा रहता है ऐसे में उनकी इन बातों को दूर करने का प्रयास करें। इससे वे न सिर्फ बेहतर महसूस करेंगे अपितु उनके मन में यह विश्वास बना रहेगा कि आप हर परिस्थिति में उनके साथ हैं।
उनके साथ खाना खाएं
खाने की टेबल वो जगह है जहाँ पूरा परिवार एक साथ एकत्रित होता है। यह वो समय होता है जब आपस में बैठकर एक दूसरे से खुलकर बातचीत की जा सकती है। इस वक्त आप उनसे उनके उत्तराधिकार को लेकर भी बात कर सकते हैं। उन्हें कुछ समझा भी सकते हैं और उनकी सलाह भी ले सकते हैं। इससे रिश्तों में खुलापन आएगा। उन्हें उनके मन के मुताबिक निर्णय लेने दें। कहते हैं एक साथ बैठकर जब पूरा परिवार खाना खाता है तो आपसी प्यार बढ़ता है। अकेलापन दूर होता है रिश्तों में मिठास आती है। सप्ताह में एक बार उनके साथ बाहर घूमने जाएं, इससे उनका मन खुश होगा। दिमागी तनाव कम होगा। 
एक्टिव रखें

वैसे तो एक उम्र ऐसी आती है, जब इंसान के लिए चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बुजुर्गों के लिए फिट और एक्टिव रहना आसान काम नहीं होता। ऐसे में आप उन्हें फिट और एक्टिव रखने के लिए योग और व्यायाम करने में मदद करें। बुजुर्गों को व्यायाम और योग करने के लिए प्रेरित करते रहें। साथ भी खुद भी व्यायाम करें। इससे न केवल उनकी शारीरिक बीमारियां दूर भागेंगी बल्कि आपका अकेलापन भी दूर होगा और वह फिट भी रहेंगे।
डिजिटल दुनिया से जोड़ें

डिजिटल युग में जिस प्रकार आप अपने बच्चों को हर चीज यूज करना सिखाते हैं, अपने पेरेंट्स को भी अपग्रेट करते रहें और उन्हें मोबाइल, लैपटॉप आदि यूज़ करना सिखाएं, ताकि आप जब घर पर ना हों, तो उन्हें अकेलापन महसूस ना हो और अपना समय वे एन्जॉय करते हुए बिता सकें।
अड़ोस-पड़ोस में बातचीत करनें दें, मित्र मंडली बनाने दें

बुजुर्गों को हमेशा सम्मान दें। उन्हें कभी भी ऐसी बात न कहें जिससे उनके मन को ठेस लगे। उन्हें बाहर लोगों से मिलने दें और नए दोस्त बनाने दें। इससे उनका अकेलापन दूर होगा और वह हमेशा खुश रहेंगे। उनके अनुभव और कहानी को ध्यान से सुनें। शायद उनकी सुनाई कहानी से आपको जीवन की किसी परेशानी का हल मिल जाए।
सुरक्षित माहौल दें

बुजुर्गों के लिए स्ट्रेसफ्री होना बहुत ही ज़रूरी है, जबकि ऐसा हो नहीं पाता। समाज में बुजुर्गों के साथ बढ़ती हिंसा उनके मन में डर पैदा कर सकती है। ऐसे में आप घर और आसपास सीसीटीवी कैमरा लगवा सकते हैं। आप चाहें तो उनके साथ जीपीएस ट्रैकर रख सकते हैं, जो उनकी गतिविधियों को बताते रहे। बुजुर्गों को अगर ज्यादा कमजोरी महसूस हो या फिर भूलने की आदत हो तो उनके बाहर जाने पर उन पर नजर रखें। उन्हें घर वापिस आने में देर हो जाए तो बाहर देखने जरूर जाएं। बड़े बुजुर्ग अगर कोई काम करना चाहते हैं तो उन्हें मना न करें। अगर आप उन्हें मना करते हैं तो उन्हें लगता है कि आप उन्हें रोक-टोक कर रहे हैं।
पॉकेट मनी जरूर दें
यह एक ऐसा काम है जिसे हर युवा को अपने ध्यान में रखना चाहिए। आपके बुजुर्ग आपसे अपने खर्च के लिए पैसे मांगते हुए शर्मिन्दगी महसूस कर सकते हैं। ऐसे में आप उनके बिना मांगे ही उन्हें हर सप्ताह उनके खर्च या उनकी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसा दें। वैसे भी बुजुर्ग स्वयं पर कुछ खर्च नहीं करते वे आपके ही बच्चों के लिए कुछ न कुछ लेकर आते हैं। उन्हें आपके बच्चों के साथ ऐसा करना अच्छा लगता है।

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