सप्ताह का गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। अगर आपकी कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर है या आपके हर में कोई न कोई बाधा आती रहती है तो गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा जरूर करें। केले के पेड़ का सीधा संबंध देवगुरु बृहस्पति से है। यही वजह है कि गुरुवार के दिन केले के पेड़ की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। माना जाता है कि ऐसा करने से न केवल बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं, बल्कि साधक पर भगवान विष्णु की असीम कृपा भी बनी रहती है, जिससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इसके अलावा गुरुवार के दिन केले के पेड़ में यह खास चीज भी चढ़ाने से भाग्य के द्वार खुल जाते हैं और व्यक्ति को किस्मत का भरपूर साथ मिलने लगता है। तो यहां जानिए कि गुरुवार को केले के पेड़ में जल के साथ और क्या चढ़ाना चाहिए।
गुरुवार को केले के पेड़ में क्या चढ़ाएं?

हिंदू धर्म में केले के पेड़ को अत्यंत ही पूजनीय माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि केले के पेड़ में जगत के पालनहार भगवान विष्णु का वास होता है। विष्णु जी को गुड़ और चने की दाल अत्यंत ही प्रिय है। तो गुरुवार के दिन केले के पेड़ में गुड़ और चने की जाल चढ़ाएं। केले के पेड़ की जड़ में हल्दी मिला जल चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इस उपाय को करने से सोया हुआ भाग्य जाता है।
पूजा की सही विधि गुरुवार को प्रात:काल उठकर स्नान आदि करने के बाद पीले वस्त्र पहनकर पूजा का संकल्प लें।
इसके बाद तांबे या पीतल के लोटे में जल लें, उसमें हल्दी, चने की दाल और गुड़ मिलाएं। आप चाहे तो सिर्फ हल्दी मिला जल भी चढ़ा सकते हैं।
अब केले के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाते समय ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ मंत्र का जाप करें।
केले के पेड़ के पास घी का एक दीपक जलाएं और परिक्रमा करें।


