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मिडिल ईस्ट की जंग खत्म करवाएगी लेबनान की यह महिला अधिकारी, वाशिंगटन में हुई सक्रिय

इस्लामाबाद में के बीच शांति वार्ता फेल होने के बाद लेबनान की महिला अफसर नादा हमादेह मोवाद ने सीजफायर की प्रक्रिया अपने हाथों में ले ली है. नादा ने बैकडोर चैनल से शांति स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी हैं. नादा वर्तमान में वाशिंगटन में पोस्टिंग हैं और वहीं से शांति प्रक्रिया की देखरेख कर रही हैं. रविवार को पाकिस्तान से जेडी वेंस के लौटने की खबर सुनने के बाद नादा ने पहली बार इजराइल के राजदूत से फोन पर बात की.

मिडिल ईस्ट की जंग खत्म करवाएगी लेबनान की यह महिला अधिकारी, वाशिंगटन में हुई सक्रिय
मिडिल ईस्ट की जंग खत्म करवाएगी लेबनान की यह महिला अधिकारी, वाशिंगटन में हुई सक्रिय

लेबनान टुडे के मुताबिक 1983 के बाद पहली बार लेबनान और के बीच सीधा संपर्क हुआ है. वाशिंगटन में लेबनान की दूत नादा मोवाद ने इजराइली समकक्ष येचिएल लीटर से बात की. दोनों के बीच सीजफायर को लेकर बात हुई.

इजराइल-लेबनान के बीच बातचीत अहम क्यों?

पाकिस्तान में 2 कारणों से अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फेल गया. ये दो कारण थे- लेबनान पर आगे से हमला नहीं होगा और हिजबु्ल्लाह को ईरान फंड नहीं करेगा. यह दोनों ही मसला इजराइल से जुड़ा है. ऐसे में लेबनान की दूत ने इसके लिए खुद इजराइल से संपर्क साधा है.

लेबनान और इजराइल के बीच अगर कोई समझौता हो जाता है तो ईरान-अमेरिकी वार्ता की राह आसान हो सकती है. फिर अमेरिका सिर्फ उन्हीं शर्तों पर बात करेगा, जो उसके लिए जरूरी है. यही वजह है कि शांति वार्ता में नादा मोवाद की भूमिका अहम मानी जा रही हैं.

सवाल- कौन हैं नादा हमादेव मोवाद?

जून 2025 में नादा मोवाद को लेबनान की औन सरकार ने अपना राजदूत नियुक्त किया था. नादा की नियुक्ति ऐसे वक्त में की गई थी, जब ईरान पर अमेरिका पर बंकर बस्टर बम के जरिए हमला किया था. नादा ने अपने करियर की शुरुआत एक अर्थशास्त्री के रूप में की थी. वे वर्ल्ड बैंक की सदस्य भी रह चुकी हैं.

नादा की शादी लेबनानी मूल के नागरिक जेरार्ड मोवाद से हुई है. दोनों एक रेन मोवाद नामक फाउंडेशन भी चलाते हैं. इस फाउंडेशन का काम लेबनान में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करना है. वाशिंगटन के सियासी गलियारों में नादा मोवाद की मजबूत पकड़ मानी जाती हैं. ऐसे में उनकी सक्रियता सुर्खियों में हैं.

khabarmonkey@gmail.com

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