दुनियाभर में पर्यावरण के स्तर पर लगातार गिरावट आ रही है. इसकी वजह से मौसम में भी बड़ा बदलाव हो रहा है. सिर्फ धरती ही लगातार गर्म होती जा रही है, बल्कि समंदर के नीचे भी गर्मी का स्तर बढ़ता जा रहा है. अब एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि समुद्री गर्मी की लहरें दुनिया भर में तूफान और उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) से होने वाले नुकसान को भी बढ़ा रहे हैं. ये गर्मी मई-जून में पकड़े वाले हीट वेव से भी कहीं ज्यादा गर्म होती है.

शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के दौरान 1,600 उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को नोटिस किया जिसमें- तूफानों की व्यापक श्रेणी वाले भयंकर चक्रवाती तूफान भी शामिल हैं- इसमें 1981 के बाद से आए तूफानों को लेकर यह बात सामने आई कि जो अत्यधिक गर्म पानी के ऊपर चले गए उनके तेजी से तीव्र होने की संभावना बनी हुई थी और यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है.
आपदाओं से भारी आर्थिक नुकसान
साइंस एडवांसेज जर्नल में पिछले हफ्ते शुक्रवार को आए एक अध्ययन के अनुसार, इसके परिणामस्वरूप 60 फीसदी अधिक प्राकृतिक आपदाएं हुईं, इसकी वजह से कम से कम 1 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा.
समुद्री गर्मी की लहरें तूफानों को कैसे बढ़ाती हैं, इसकी बेहतर समझ से पूर्वानुमानकर्ताओं, आपातकालीन अधिकारियों और दीर्घकालिक योजनाकारों को भविष्य के तूफानों के लिए तैयार होने में मदद मिल सकती है.
समंदर के गर्म होने से बढ़ रहा खतरा
इस अध्ययन में समुद्री ताप तरंगों (marine heat waves) को लंबे समय तक चलने वाले, ऐतिहासिक ताप के शीर्ष 10 फीसदी में पानी के बड़े क्षेत्रों के रूप में परिभाषित किया गया है. रिसर्च के लेखकों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और महासागरों के लगातार गर्म होने की वजह से वे और अधिक खतरा बनते जा रहे हैं. गर्म पानी तूफानों के लिए फ्यूल की तरह है.
नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन के समुद्र विज्ञानी और रिसर्च के सह-लेखक ग्रेगरी फोल्त्ज़ ने कहा, “समुद्री के अंदर बनने वाली हीट वेब की लहरें जमीन पर गिरने वाले आधे से अधिक उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को प्रभावित करती हैं.” उन्होंने आगे कहा, “ये सब जमीन के करीब और अधिक बार हो रहा है, इसलिए मुझे लगता है कि लोगों को ध्यान देने और यह जानने की जरूरत है कि जब वे जमीन से टकराते हैं तो अत्यधिक नुकसान होने की संभावना अधिक होती है.”
फोल्त्ज़ ने कहा, “तूफान की भविष्यवाणी करने वाले मौसम विज्ञानियों के लिए यह देखना अहम है कि क्या ये तूफान समुद्री गर्मी की लहर पर चलते हैं क्योंकि इसके तेजी से फैलने की संभावना बहुत अधिक होती है, जो “संभवतः भूस्खलन पर बड़ा असर डाल सकता.” अलबामा यूनिवर्सिटी में यौगिक खतरों का अध्ययन करने वाले कोस्टल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर और अध्ययन के सह-लेखक हामेद मोफ्ताखारी ने कहा, साल 2023 में संयुक्त राज्य अमेरिका में आए विनाशकारी तूफानों को नजर डालिए.
उन्होंने आगे कहा, “हेलेन और मिल्टन की कहानी यही है कि यदि आपके पास गर्म समुद्र है, तो आपको झरने में भी उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को सुपरचार्ज करने के लिए फ्यूल मिल गया है. इसलिए कुछ हफ्तों के अंदर आप 2 तेजी से तीव्र तूफानों को फ्लोरिडा के पश्चिमी तट पर टकराते हुए देख सकते हैं.”
वह आगे कहते हैं, “यह चौंकाने वाला है, लेकिन यह लोगों के लिए चेतावनी भी है.” अपने अध्ययन में अक्टूबर 2023 में आए विनाशाकरी हरिकेन ओटिस की ओर भी इशारा करते हैं, जो एक दिन में एक ही ट्रॉपिकल तूफान से तेजी से बढ़कर टॉप-लेवल के कैटेगरी 5 हरिकेन में बदल गया था. इसके बाद यह मेक्सिको के अकापुल्को के पास 165 mph यानी 265 kph की स्पीड के साथ ज़मीन से टकराया था, इस चक्रवाती तूफान ने खासा ने करीब 16 बिलियन डॉलर का नुकसान कर दिया और 52 लोगों की जान चली गई थी.





