इजराइली नेताओं ने तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन पर जमकर हमला बोला. दरअसल, तुर्किए में अभियोजकों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत 35 टॉप अधिकारियों के खिलाफ अभियोग दायर किए हैं. इसमें उन्होंने 4,500 साल से ज्यादा की जेल की सजा की मांग भी की है.इसके जवाब में नेतन्याहू ने एर्दोगन पर अपने ही देश में कुर्दों का नरसंहार करने का आरोप लगाया. उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि मेरे नेतृत्व में इजराइल के आतंकी शासन और उसके सहयोगियों से लड़ना जारी रखेगा. एर्दोगन के विपरीत, जो उन्हें शरण दे रहे हैं और अपने ही कुर्द नागरिकों का नरसंहार कर रहे हैं.

तुर्किए की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभियोजक नेतन्याहू, रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़, राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर और IDF के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर सहित अधिकारियों के लिए कुल मिलाकर 4,596 साल तक की जेल की सजा की मांग कर रहे हैं. उन पर मानवता के खिलाफ अपराधों और नरसंहार का आरोप है, साथ ही 2025 में ‘सुमुद फ्लोटिला’ को गाजा पहुंचने से रोकने और उसके प्रतिभागियों के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप है.
‘कगजी शेयर हैं एर्दोगन’
काट्ज ने सोशल मीडिया X पर एर्दोगन पर भी तीखा हमला बोला और उन्हें ‘कागजी शेर’ कहा. उन्होंने कहा कि एर्दोगन, जिन्होंने ईरान से तुर्की की सीमा में दागी गई मिसाइलों का कोई जवाब नहीं दिया और जो एक कागजी शेर साबित हुए हैं, अब यहूदी-विरोध के दायरे में भाग रहे हैं और तुर्की में इज़राइल के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के खिलाफ दिखावटी मुकदमों की मांग कर रहे हैं.
काट्ज ने कहा कि कितनी बेतुकी बात है. मुस्लिम ब्रदरहुड का एक आदमी, जिसने कुर्दों का नरसंहार किया, जो अपने हमास सहयोगियों के खिलाफ अपना बचाव कर रहा है. नरसंहार का आरोप लगाता है. इजराइल पूरी ताकत और दृढ़ता के साथ अपना बचाव करता रहेगा. उनके लिए यही बेहतर होगा कि वे चुप रहें.





