Asha Bhosle Story: भारतीय संगीत जगत के एक गौरवशाली अध्याय का आज अंत हो गया। अपनी जादुई आवाज से आठ दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली लेजेंडरी सिंगर आशा भोसले (Asha Bhosle) का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की है, जिसके बाद पूरे देश और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

आशा ताई, जैसा कि उन्हें प्यार से बुलाया जाता था, केवल एक गायिका नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की एक बुलंद आवाज थीं। 1943 में 10 साल की नन्हीं उम्र में एक मराठी गीत से शुरू हुआ उनका सफर, 91 साल की उम्र तक ‘सैंया बिना’ जैसे गीतों के साथ निरंतर जारी रहा। 12,000 से अधिक गानों का विश्व रिकॉर्ड और दादासाहेब फाल्के से लेकर पद्म विभूषण जैसे सम्मानों से सुसज्जित उनका व्यक्तित्व संगीत प्रेमियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।
12,000 गाने रिकॉर्ड किए
आशा भोसले ने फिल्म इंडस्ट्री में आठ दशकों से अधिक समय बिताया और इस दौरान उन्होंने न केवल एक से बढ़कर एक गाने गाए, बल्कि कई बड़े सम्मान भी प्राप्त किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने करीब 11,000 से 12,000 गाने रिकॉर्ड किए, जो अपने आप में एक अद्वितीय रिकॉर्ड है। उनका नाम एक समय में भी दर्ज हुआ था।
आशा भोसले का पहला गाना
आशा भोसले का पहला गाना हिंदी में नहीं था, बल्कि वह 10 साल की उम्र में मराठी फिल्म माझा बाल के लिए गाया था, जिसका शीर्षक था ‘चला चला नव बाला’। यह गाना 1943 में रिकॉर्ड हुआ था, और इसके प्रोड्यूसर मास्टर विनायक थे। दिलचस्प बात यह थी कि इस फिल्म में उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर ने एक एक्ट्रेस के तौर पर काम किया था, न कि सिंगर के रूप में।
आशा भोसले का बॉलीवुड डेब्यू
आशा भोसले का बॉलीवुड डेब्यू 1948 में आई फिल्म चुनरिया के गाने ‘सावन आया’, से हुआ था। इसके बाद, 1949 में उनकी पहली हिंदी सोलो सॉन्ग फिल्म रात की रानी से आई थी। 1953 में फिल्म परिणीता के गानों के बाद उनकी पहचान और लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ, और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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आशा भोसले की आखिरी फिल्म
की खास बात यह रही कि वे 92 साल की उम्र में भी सक्रिय थीं और लगातार गाने रिकॉर्ड कर रही थीं। 91 साल की उम्र में उन्होंने अपना आखिरी गाना रिकॉर्ड किया था, जिसमें उनकी पोती जनाई भोसले भी उनके साथ थीं। इस गाने का शीर्षक था ‘सैंया बिना’ और इसे नितिन शंकर ने प्रोड्यूस किया था। इस गाने को यूट्यूब पर 1.5 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके थे, जो दिखाता है कि आशा भोसले की विरासत कितनी मजबूत है। सिंगर के निधन के बाद से फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस में शोक की लहर दौड़ गई है।





