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आशा भोसले के लिए पागल थे शादीशुदा ओपी नय्यर, लता की आवाज को कर दिया था रिजेक्ट, घर तक पहुंच गई थी लड़ाई

Asha Bhosle Death News: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन की खबरें भ्रामक हैं। वे भारतीय संगीत की सबसे सफल और बहुमुखी गायिकाओं में से एक हैं, जिन्होंने छह दशकों से भी लंबे करियर में हजारों यादगार गीत गाए हैं। हालांकि, उन्हें अपने  शुरुआती करियर में उन्हें अपेक्षाकृत कम अवसर मिले, और उस दौर में उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर का फिल्मी संगीत पर काफी प्रभाव माना जाता था। 

आशा भोसले के लिए पागल थे शादीशुदा ओपी नय्यर, लता की आवाज को कर दिया था रिजेक्ट, घर तक पहुंच गई थी लड़ाई
आशा भोसले के लिए पागल थे शादीशुदा ओपी नय्यर, लता की आवाज को कर दिया था रिजेक्ट, घर तक पहुंच गई थी लड़ाई

इस दौर में आशा भोसले को मशहूर संगीतकार ओपी नय्यर का साथ मिला। उन्होंने अपनी फिल्मों में लता मंगेशकर की बजाय आशा भोसले को कई गाने गाने का अवसर दिया, जिसके परिणामस्वरूप कई यादगार और हिट गीत सामने आए। ओपी नय्यर और आशा भोसले की यह जोड़ी संगीत जगत में बेहद सफल मानी जाती है।

लता की आवाज को कर दिया था रिजेक्ट

1950 के दशक में जब अधिकतर संगीतकार लता मंगेशकर के साथ काम करना पसंद करते थे, तब ओपी नय्यर उन चुनिंदा संगीतकारों में से थे जिन्होंने उनकी आवाज को अपनी शैली के लिए उपयुक्त नहीं माना। उनका कहना था कि उन्हें जिस तरह की आवाज़ की जरूरत थी, वह लता मंगेशकर की गायकी से मेल नहीं खाती।

इसी दौरान एक इंटरव्यू में लता मंगेशकर ने कहा था कि वह ओपी नय्यर के लिए कभी कोई गाना नहीं गाएंगी। इस पर ओपी नय्यर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने उनसे कभी गाने के लिए कहा ही नहीं था।

आशा के प्यार में पागल थे नय्यर

ने एक इंटरव्यू में कहा था, “ये तो सुना था कि लव इज़ ब्लाइंड होता है, लेकिन मेरे मामले में लव न सिर्फ ब्लाइंड था, बल्कि बहरा भी था, क्योंकि मुझे आशा भोसले की आवाज के अलावा कोई और आवाज सुनाई ही नहीं देती थी।”

यही वजह बताई जाती है कि उन्होंने उस दौर में शमशाद बेगम और गीता दत्त जैसी गायिकाओं के साथ काम करना लगभग बंद कर दिया और अपनी धुनों में मुख्य रूप से आशा भोसले की आवाज़ को ही प्राथमिकता दी।

14 साल तक चला रिश्ता

ओपी नय्यर और के रिश्ते को लेकर कहा जाता है कि दोनों लंबे समय तक करीब रहे और यह संबंध लगभग 14 वर्षों तक चला। यह भी बताया जाता है कि एक समय आशा भोसले ओपी नय्यर की कैडिलैक कार में उनके साथ यात्रा करती थीं। बाद में 1972 में आशा भोसले ने इस रिश्ते को समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों ने फिर कभी किसी सार्वजनिक मंच या कार्यक्रम में एक साथ उपस्थिति नहीं दी।  

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