अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम के ऐलान के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो रही शांति वार्ता फेल हो गई है. यूएस के उपराष्ट्रपति जेडी वेंंस ने का कहना है कि ईरान अमेरिका की शर्ते नहीं मान रहा है, ऐसे में प्रतिनिधिमंडल वापस अमेरिका लौट रहा है.

वेंंस ने रविवार (12 अप्रैल) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान के साथ वार्ता में कमियां हैं और ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने वाशिंगटन की शर्तों को स्वीकार नहीं किया है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका एक समझौते के लिए तैयार है, लेकिन ईरान ने महत्वपूर्ण बाधाएं खड़ी की.
#WATCH | US-Iran peace talks | Islamabad, Pakistan: US Vice President JD Vance says, “…The bad news is that we have not reached an agreement. I think that is bad news for Iran much more than it’s bad news for the USA. So, we go back to the US having not come to an pic.twitter.com/jWHpJYemYz
— ANI (@ANI) April 12, 2026
‘हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं…’
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा ‘बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं. मुझे लगता है कि यह अमेरिका के लिए बुरी खबर से कहीं ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है. इसलिए, हम बिना किसी समझौते के अमेरिका लौट रहे हैं. उन्होंने हमारी शर्तें मानने से इनकार कर दिया है’. इसके आगे उन्होंने कहा कि ‘वार्ता में जो भी कमियां रहीं, वे पाकिस्तानियों की वजह से नहीं थीं, जिन्होंने शानदार काम किया और वास्तव में हमें और ईरानियों को मतभेदों को दूर करने और समझौते तक पहुंचने में मदद करने की कोशिश की. हम पिछले 21 घंटों से बातचीत कर रहे हैं और ईरानियों के साथ कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई हैं’.
परमाणु हथियार बनाअहम मुद्दा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने आगे कहा ‘सीधी सी बात यह है कि हमें ईरान से यह ठोस प्रतिबद्धता देखनी होगी कि वे परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे और न ही ऐसे उपकरण हासिल करेंगे जिनसे वे जल्दी से परमाणु हथियार बना सकें. यही अमेरिकी राष्ट्रपति का मुख्य मकसद है. इन वार्ताओं के माध्यम से हमने यही हासिल करने की कोशिश की है. उनका मौजूदा परमाणु कार्यक्रम और पहले से मौजूद संवर्धन केंद्र नष्ट कर दिए गए हैं. लेकिन सीधा सा सवाल यह है कि क्या हमें ईरानियों की ओर से परमाणु हथियार विकसित न करने की कोई ठोस प्रतिबद्धता दिखती है, न सिर्फ अभी के लिए, न सिर्फ दो साल बाद के लिए, बल्कि दीर्घकालिक रूप से? अभी तक हमें यह नहीं दिखा है, हमें उम्मीद है कि यह दिखेगा’.
#WATCH | US-Iran peace talks | Islamabad, Pakistan: US Vice President JD Vance says, “…The simple fact is that we need to see an affirmative commitment that they (Iran) will not seek a nuclear weapon and they will not seek the tools that would enable them to quickly achieve a pic.twitter.com/elS9Q0xPz4
— ANI (@ANI) April 12, 2026
‘ईरान ने अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं किया’
वेंस ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को अपना अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव दिया था और बातचीत में लचीलापन”दिखाया था. उन्होंने कहा कि ईरानी वार्ताकारों ने समझौते के लिए अमेरिकी शर्तों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम काफी सहयोगात्मक थे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने हमसे कहा, ‘आपको सद्भावना के साथ यहां आना होगा और समझौता करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना होगा.’ हमने ऐसा किया, और दुर्भाग्य से, हम कोई प्रगति नहीं कर पाए’.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि मुख्य अड़चन ईरान का अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने से इनकार करना था. उन्होंने कहा ‘हम यहां से एक बहुत ही सरल प्रस्ताव, एक समझौता प्रक्रिया के साथ जा रहे हैं, जो हमारा अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव है. हम देखेंगे कि ईरानी इसे स्वीकार करते हैं या नहीं’.





