भारतीय परंपरा में तांबे के बर्तन में पानी पीने की आदत सदियों पुरानी है, जिसे आयुर्वेद में भी बेहद लाभकारी माना गया है. आज के समय में जब लोग हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की ओर बढ़ रहे हैं, तो एक बार फिर तांबे के बर्तन ट्रेंड में आ गए हैं और कई लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. माना जाता है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी शरीर को डिटॉक्स करने, पाचन सुधारने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है.

हालांकि, जहां एक ओर इसके कई फायदे बताए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर हर किसी के लिए इसका सेवन सही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. कुछ लोगों के लिए तांबे का पानी नुकसानदायक भी साबित हो सकता है, खासकर अगर इसका सेवन सही मात्रा और तरीके से न किया जाए. चलिए इस आर्टिकल में एक्सपर्ट से जानते हैं कि किन लोगों को तांबे के बर्तन में रखा पानी नहीं पीना चाहिए और क्यों.
तांबे के बर्तन में रखे पानी के क्या हैं फायदे
तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेद एक्सपर्ट किरण गुप्ता बताती हैं कि, इसमें नेचुरल रूप से एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं और शरीर को संक्रमण से बचाते हैं. तांबे का पानी पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होता है. इसके नियमित सेवन से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, जिससे वजन संतुलित रखने में भी मदद मिल सकती है. इसके अलावा इसमें आयरन का अवशोषण बढ़ता है. ऐसे में ये खून की कमी को दूर करने में भी मदद करता है.
किन लोगों को नहीं करना चाहिए सेवन ?
लिवर या किडनी के मरीज- अगर किसी को पहले से लिवर या किडनी से जुड़ी समस्या है, तो शरीर एक्ट्रसा कॉपर को सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता. इससे कॉपर शरीर में जमा होकर नुकसान पहुंचा सकता है, जैसे लिवर डैमेज या किडनी पर असर.
छोटे बच्चे और शिशु- ए बच्चों का शरीर अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए वे कॉपर के ज्यादा लेवल को सहन नहीं कर पाते. रिसर्च बताती है कि सेंसिटिव समूहों में कॉपर की ज्यादा मात्रा से पेट से जुड़ी समस्याएं जल्दी हो सकती हैं.
जिन्हें बार-बार पेट की समस्या होती है- कॉपर की ज्यादा मात्रा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) इरिटेशन पैदा कर सकती है, जिससे उल्टी, पेट दर्द और डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं. यह खासकर तब होता है जब पानी में कॉपर की मात्रा ज्यादा हो जाती है.
जो लोग जरूरत से ज्यादा तांबे का पानी पीते हैं- वैज्ञानिक रूप से यह साबित है कि कॉपर एक ट्रेस मिनरल है, यानी इसकी जरूरत बहुत कम मात्रा में होती है.अगर कोई व्यक्ति रोज ज्यादा मात्रा में तांबे का पानी पीता है, तो शरीर में कॉपर जमा होकर कॉपर टॉक्सिसिटी पैदा कर सकता है, जिससे लिवर डैमेज, उल्टी और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं.





