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क्या नींद की कमी से आंखों की रोशनी कमजोर होती है? एक्सपर्ट से जानें

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद की कमी एक आम समस्या बन गई है. देर रात तक मोबाइल चलाना, काम का दबाव और खराब दिनचर्या इसका मुख्य कारण हैं. इसका असर सिर्फ शरीर ही नहीं, आंखों की सेहत पर भी पड़ता है. लगातार कम नींद लेने से आंखों में थकान, सूखापन और धुंधला दिखना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई लोग आंखों में जलन, भारीपन और लालिमा की शिकायत भी करने लगते हैं. नींद पूरी न होने पर आंखों को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे उनकी क्षमता प्रभावित हो सकती है.

क्या नींद की कमी से आंखों की रोशनी कमजोर होती है? एक्सपर्ट से जानें
क्या नींद की कमी से आंखों की रोशनी कमजोर होती है? एक्सपर्ट से जानें

लंबे समय तक ऐसा बने रहने पर यह समस्या और बढ़ सकती है और दैनिक कामकाज पर असर डाल सकती है. खासकर जो लोग लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहते हैं, उनके लिए यह समस्या और गंभीर हो सकती है. ऐसे में जरूरी है कि समय रहते इस पर ध्यान दिया जाए और सही जानकारी हासिल की जाए. आइए जानते हैं कि क्या की कमी से आंखों की रोशनी कमजोर होती है.

क्या नींद की कमी से आंखों की रोशनी कमजोर होती है?

सर गंगाराम अस्पताल में आई डिपार्टमेंट के पूर्व एचओडी डॉ. ए.के. ग्रोवर बताते हैं कि नींद की कमी का सीधा असर आंखों की क्षमता और आराम पर पड़ता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि इससे तुरंत आंखों की रोशनी स्थायी रूप से कमजोर हो जाए. जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते, तो आंखों को आराम नहीं मिल पाता, जिससे अस्थायी रूप से धुंधला दिखना, फोकस करने में दिक्कत और आंखों में भारीपन महसूस हो सकता है.

यह स्थिति खासकर तब ज्यादा होती है, जब स्क्रीन टाइम ज्यादा हो और आंखों को लगातार काम करना पड़े. नींद की कमी से आंखों में सूखापन और जलन बढ़ सकती है, जिससे देखने में असुविधा होती है. हालांकि, लंबे समय तक लगातार नींद पूरी न होने और आंखों की देखभाल न करने से समस्याएं बढ़ सकती हैं. इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और समय पर सुधार करना जरूरी है.

क्या हैं लक्षण?

नींद की कमी के कारण आंखों में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं. सबसे आम लक्षण हैं आंखों में जलन, सूखापन और भारीपन महसूस होना. इसके अलावा आंखों का लाल होना, धुंधला दिखना और रोशनी के प्रति सेंसिटिविटी भी बढ़ सकती है. कई बार आंखों में दर्द या सिरदर्द की समस्या भी हो सकती है.

लगातार थकान के कारण आंखों के नीचे काले घेरे और सूजन भी नजर आने लगती है. कुछ लोगों को फोकस करने में दिक्कत होती है और बार-बार पलक झपकाने की जरूरत महसूस होती है. ये सभी संकेत बताते हैं कि आंखों को पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा है.

कैसे करें बचाव?

आंखों की सेहत बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी है पर्याप्त और अच्छी नींद लेना. रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद आंखों को आराम देती है और उनकी क्षमता बनाए रखती है. इसके अलावा स्क्रीन टाइम को कम करना और बीच-बीच में ब्रेक लेना भी जरूरी है.

आंखों को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित डाइट लें. सोने से पहले मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग कम करें. नियमित रूप से आंखों की जांच कराना और हल्की आंखों की एक्सरसाइज करना भी फायदेमंद होता है.

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