Saturday, April 11, 2026
Health

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए फिश ऑयल बेअसर! नई गाइडलाइन में एक्सपर्ट्स की सख्त चेतावनी

आज के समय में बढ़ता बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, जो दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है. गलत खानपान, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और बढ़ता तनाव इसके मुख्य कारण माने जाते हैं. इसे कंट्रोल करने के लिए लोग दवाइयों के साथ-साथ कई तरह के सप्लीमेंट्स भी लेने लगे हैं. खासकर फिश ऑयल कैप्सूल को लोग बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से खरीदकर इस्तेमाल करने लगे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह दिल के लिए फायदेमंद है. लेकिन अब इस सोच पर नई गाइडलाइन ने सवाल खड़े कर दिए हैं. 2026 में जारी नई कोलेस्ट्रॉल गाइडलाइंस में बताया गया है कि ओवर-द-काउंटर मिलने वाले फिश ऑयल कैप्सूल LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में असरदार नहीं हैं.

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए फिश ऑयल बेअसर! नई गाइडलाइन में एक्सपर्ट्स की सख्त चेतावनी
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए फिश ऑयल बेअसर! नई गाइडलाइन में एक्सपर्ट्स की सख्त चेतावनी

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के एक्सपर्ट्स ने साफ चेतावनी दी है कि इन्हें इलाज के तौर पर लेना सही नहीं है. इतना ही नहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि गलत जानकारी के कारण लोग सही इलाज से दूर हो जाते हैं और सिर्फ पर निर्भर रहने लगते हैं. ऐसे में दिल की बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है. इसलिए अब समय है कि लोग जागरूक बनें और सिर्फ ट्रेंड या सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करने के बजाय वैज्ञानिक सलाह को अपनाएं.

LDL कम करने में फिश ऑयल सप्लीमेंट्स फेल क्यों?

फिश ऑयल सप्लीमेंट्स को अक्सर दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन जब बात LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल की आती है तो ये उतने असरदार नहीं होते. एक्सपर्ट्स के अनुसार, फिश ऑयल का मुख्य काम शरीर में triglycerides को कम करना है, जो एक तरह का फैट होता है, लेकिन LDL को कम करने में इसका कोई खास योगदान नहीं होता.

कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों में इसका सेवन करने से LDL का स्तर बढ़ भी सकता है. यही कारण है कि नई गाइडलाइन्स में इसे LDL कंट्रोल के लिए बेअसर बताया गया है यानी फिश ऑयल को पूरा हार्ट सॉल्यूशन समझना गलत हो सकता है और इससे गलतफहमी भी पैदा हो सकती है.

सही इलाज क्या है?

बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए सही तरीका दवाइयों, संतुलित खानपान और नियमित एक्सरसाइज का मेल है. डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली दवाइयां LDL को कम करने में प्रभावी मानी जाती हैं. इसके अलावा, डाइट में फल, सब्जियां, फाइबर और हेल्दी फैट्स शामिल करना भी जरूरी है.

तली-भुनी और जंक फूड से दूरी बनाना फायदेमंद होता है. रोजाना कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी दिल की सेहत को बेहतर बनाती है. सही लाइफस्टाइल अपनाने से लंबे समय तक बेहतर परिणाम मिल सकते हैं और दिल की बीमारियों का खतरा भी कम होता है.

डॉक्टर की सलाह के बिना सप्लीमेंट्स न लें

बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह के सप्लीमेंट्स लेना नुकसानदायक हो सकता है. हर व्यक्ति की सेहत, शरीर की जरूरत और मेडिकल कंडीशन अलग होती है, इसलिए एक ही चीज सबके लिए सही नहीं होती. फिश ऑयल जैसे सप्लीमेंट्स को खुद से शुरू करना कई बार उल्टा असर डाल सकता है.

इससे इलाज में देरी भी हो सकती है और समस्या बढ़ सकती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही जांच और सलाह के बाद ही कोई भी दवा या सप्लीमेंट लेना चाहिए. इसलिए बेहतर है कि खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर सही दिशा में कदम उठाएं.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply