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सांस फूलना किन बीमारियों का संकेत हो सकता है? एक्सपर्ट से जानें

अक्सर कई लोगों को बार-बार सांस फूलने की शिकायत होती है. ऐसे में इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है. सांस फूलने के कई आम कारण होते हैं, जैसे ज्यादा भाग-दौड़, शारीरिक कमजोरी, मोटापा, तनाव या एंग्जायटी. इसके अलावा मौसम में बदलाव, प्रदूषण, धूल-मिट्टी या एलर्जी भी सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकते हैं.

सांस फूलना किन बीमारियों का संकेत हो सकता है? एक्सपर्ट से जानें
सांस फूलना किन बीमारियों का संकेत हो सकता है? एक्सपर्ट से जानें

कई बार लंबे समय तक बैठे रहने या एक्सरसाइज की कमी से भी शरीर की सहनशक्ति कम हो जाती है, जिससे हल्की गतिविधि में भी सांस फूलने लगती है. खानपान की गलत आदतें और जैसी आदतें भी इस समस्या को बढ़ा सकती हैं. अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है या बिना मेहनत के भी महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. आइए जानते हैं कि सांस फूलना किन बीमारियों का संकेत हो सकता है.

सांस फूलना किन बीमारियों का संकेत हो सकता है?

लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर एचओडी डॉ. एल.एच. घोटेकर बताते हैं कि बार-बार सांस फूलना कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. यह समस्या अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या फेफड़ों से जुड़ी अन्य बीमारियों की ओर इशारा कर सकती है. इसके अलावा दिल से जुड़ी समस्याएं, जैसे हार्ट फेलियर या ब्लॉकेज, भी सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकती हैं.

एनीमिया में शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे सांस फूलने लगता है. कुछ मामलों में थायरॉयड असंतुलन या फेफड़ों में इंफेक्शन भी इसकी वजह बन सकते हैं. अगर सांस फूलने के साथ सीने में दर्द, चक्कर या थकान महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

किसको ज्यादा खतरा?

कुछ लोगों में सांस फूलने की समस्या का खतरा ज्यादा होता है जैसे बुजुर्ग, जिनकी शारीरिक क्षमता कम होती है, उन्हें यह समस्या जल्दी हो सकती है. इसके अलावा जो लोग धूम्रपान करते हैं या प्रदूषित वातावरण में रहते हैं, उनमें भी जोखिम बढ़ जाता है.

मोटापे से ग्रसित लोगों और जिनकी लाइफस्टाइल एक्टिव नहीं है, उनमें भी सांस फूलने की शिकायत ज्यादा देखी जाती है. पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है.

कैसे करें बचाव?

सांस फूलने की समस्या से बचने के लिए स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी है. नियमित एक्सरसाइज करने से फेफड़े मजबूत होते हैं और सहनशक्ति बढ़ती है. संतुलित डाइट लें और धूम्रपान से दूर रहें.

प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का इस्तेमाल करें और साफ-सफाई का ध्यान रखें. साथ ही, शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर डॉक्टर से जांच करवाते रहें.

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