ईरान युद्ध के बीच पिछले दो हफ्तों में दुनिया के तीन बड़े नेता एक के बाद एक खाड़ी देशों की दौड़ लगा रहे हैं. इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के PM कीर स्टार्मर ने गल्फ का दौरा किया. अब भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर UAE के दौरे पर जा रहे हैं. आइए जानते है इन दौरों की वजह क्या है?

पहले मेलोनी का इमरजेंसी दौरा
युद्ध के दौरान किसी भी यूरोपीय संघ के नेता की खाड़ी की यह पहली यात्रा थी. मेलोनी ने आनन-फानन में सऊदी अरब, कतर और यूएई का दौरा किया. 2 दिन का यह दौरान 4 से 5 अप्रैल के बीच हुआ. इसकी वजह साफ थी युद्ध से पहले इटली की कुल गैस खपत का लगभग 10% हिस्सा कतर से आने वाली LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) से पूरा होता था. वहीं कुल तेल आयात में मिडिल ईस्ट का हिस्सा लगभग 12% था. होर्मुज बंद होने के बाद अप्रैल से जून के बीच इटली जाने वाले 10 बड़े गैस कार्गो फंस गए. मेलोनी ने जेद्दा में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से मुलाकात की और कहा कि इटली इस मुश्किल घड़ी में खाड़ी सहयोगियों के साथ है.
Italian Prime Minister Giorgia Meloni met Saudi Crown Prince Mohammed bin Salman as she arrived in Jeddah on an unannounced visit.
They reviewed bilateral relations and opportunities for further development. #Italy #SaudiArabia pic.twitter.com/1lWyWAENHH
— All India Radio News (@airnewsalerts) April 4, 2026
फिर स्टार्मर पहुंचे
ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर 8 से 10 अप्रैल तक सऊदी, UAE और कतर के दौरे पर थे. स्टार्मर ने सऊदी अरब के जेद्दा में क्राउन प्रिंस MBS से मुलाकात की और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की जरूरत पर जोर दिया. इसके बाद वे यूएई पहुंचे जहां राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से हाईलेवल बातचीत की. स्टार्मर ने सऊदी अरब को एक अटूट सहयोगी बताया और ‘स्काई सैबर’ एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती के जरिए सऊदी सुरक्षा के प्रति ब्रिटेन की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
Crown Prince Mohammed bin Salman meets UK Prime Minister Keir Starmer in Jeddah pic.twitter.com/JBbeFO7iCu
— Saudi Gazette (@Saudi_Gazette) April 8, 2026
अब भारत की बारी
भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी 9 से 10 अप्रैल 2026 तक कतर के दो दिन के दौरे पर हैं. उनका मुख्य उद्देश्य एलपीजी और LNG आपूर्ति में आ रही बाधाओं का समाधान खोजना है. वहीं विदेश मंत्री जयशंकर यूएई के दौरे पर जा रहे हैं. भारत अपनी कुल LNG जरूरतों का लगभग 40% कतर से आयात करता है और ईरानी हमलों ने कतर की LNG निर्यात क्षमता का करीब 17% तबाह कर दिया है. कतर के 14 LNG प्लांट्स में से 2 और 2 गैस-टू-लिक्विड सुविधाओं में से 1 को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे हर साल 12.8 मिलियन टन का उत्पादन ठप हो गया है. इसकी मरम्मत में 3 से 5 साल लग सकते हैं.
Very happy to meet Qatar Minister of State for Energy Affairs, and President and CEO of QatarEnergy, H.E. Mr. Saad Sherida Al-Kaabi in Doha during my two day visit to Qatar.
Conveyed the greetings and message of solidarity and support on behalf of PM Sh @narendramodi Ji to His pic.twitter.com/OeeUygTbIn
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) April 10, 2026
आखिर खाड़ी क्यों इतना अहम है?
तीन बड़े कारण हैं जो इस क्षेत्र को दुनिया के लिए अहम बनाते है. खाड़ी में हर दिन कम से कम 3 करोड़ बैरल तेल उत्पादन होता है जो दुनिया के कुल उत्पादन का 29% है. खाड़ी देश प्रतिदिन लगभग 70 अरब क्यूबिक फीट गैस का उत्पादन करते हैं. और यह क्षेत्र एशिया, यूरोप और अफ्रीका के ठीक बीच में स्थित है, इसलिए व्यापारिक दृष्टि से भी यह सबसे अहम जगह है.
ईरान युद्ध के दौरान हुए हमलों की वजह से कतर को हर साल करीब 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान है. यही वजह है कि हर बड़ा देश अभी खाड़ी की दौड़ लगा रहा है, क्योंकि जो खाड़ी से दोस्ती बनाए रखेगा, वही ऊर्जा संकट से बचेगा. सभी देशों के दौरों का एक ही मतलब है. अपने देश के लिए एनर्जी सप्लाई बरकरार रखना.





