Saturday, April 11, 2026
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जिस पुल को इजराइल ने 3 दिन पहले उड़ाया था, उस पर ईरान में फिर दौड़ी ट्रेन

ईरान में काशान के पास स्थित याह्याबाद रेलवे पुल, जिसे 7 अप्रैल को अमेरिका और इजराइल के हमले में नुकसान पहुंचा था, उसे सिर्फ तीन दिन में ठीक कर दिया गया. अब इस पुल पर फिर से ट्रेनें चलने लगी हैं. ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में 2 लोगों की मौत हुई थी और 3 लोग घायल हुए थे. अमेरिका और इजराइल ने 7 अप्रैल को हमलों में कई रेलवे लाइन, पुल और सड़कों को नुकसान पहुंचाया था.

जिस पुल को इजराइल ने 3 दिन पहले उड़ाया था, उस पर ईरान में फिर दौड़ी ट्रेन
जिस पुल को इजराइल ने 3 दिन पहले उड़ाया था, उस पर ईरान में फिर दौड़ी ट्रेन

फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि 4 रेलवे पुल और लाइनें और 3 सड़क मार्गों पर हमला हुआ है. इनमें तेहरान-मशहद रेलवे लाइन, इस्फहान के याह्याबाद का पुल, जंजान-मियानेह रूट का पुल और करज का रेलवे ब्रिज शामिल हैं. इसके अलावा कुम प्रांत की एक सड़क को भी निशाना बनाया गया. तबरीज-तेहरान हाईवे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा, लेकिन बाद में उसे फिर से खोल दिया गया.

इजराल ने 8 ठिकानों को निशाना बनाया

इजराइल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया था कि उसने तेहरान, करज, तबरीज, काशान और कुम जैसे शहरों में कुल 8 पुलों के हिस्सों पर हमला किया. हमलों से पहले इजराइल ने लोगों को चेतावनी दी थी कि वे ट्रेन में सफर न करें और रेलवे लाइनों के पास न जाएं, क्योंकि इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है. 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले कर रहे थे. इस दौरान अमेरिका और इजराइल ने ईरान के ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा से जुड़े ढांचों को निशाना बनाया था.

40 दिन के युद्ध में ईरान को कितना नुकसान?

2026 में ईरान में हुए हमलों से नागरिक ढांचे को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है. ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के मुताबिक करीब 81,365 नागरिक स्थानों को नुकसान पहुंचा है. इनमें पावर प्लांट, पानी साफ करने की इकाइयां, अस्पताल, स्कूल (मिनाब में 170 स्कूली लड़कियों की मौत), पुल, रेलवे, मेट्रो स्टेशन, यूनिवर्सिटी, मस्जिदें और सांस्कृतिक धरोहर शामिल हैं.

इसके अलावा साउथ पार्स गैस फील्ड, स्टील फैक्ट्रियां, पेट्रोकेमिकल प्लांट और बुशेहर परमाणु संयंत्र पर भी कई बार हमले हुए. ईरान के ऊर्जा मंत्री अब्बास अलीआबादी ने बताया कि पानी और बिजली की व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है. कई जल आपूर्ति और ट्रीटमेंट प्लांट नष्ट हो गए हैं.

शांति वार्ता के लिए वेंस रवाना

अमेरिका और ईरान ने 8 अप्रैल को 2 हफ्ते के सशर्त युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति जताई. इसके बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठक करने की योजना है, ताकि इस अस्थायी शांति को स्थायी समझौते में बदला जा सके. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेंडी वेंस 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता के लिए रवाना हो चुके हैं.

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