Saturday, April 11, 2026
Viral

अब ईरान के पीछे पड़ा यूएई, कहा-40 दिन तक हमले किए, अब नुकसान का पैसा दीजिए

ईरान ने अपनी 10 सीजफायर की शर्तों में युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई को शामिल किया है. ईरान का कहना है कि उसे रिकंस्ट्रक्शन कॉस्ट के लिए मुआवजे का पूरा पेमेंट चाहिए. अब UAE ने ईरान जैसी ही शर्त रखी है, UAE ने बुधवार को कहा कि ईरान को खाड़ी देशों में हुए हमलों से हुए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए. बता दें, ईरान जंग की शुरुआत से लगातार खाड़ी देशों में अमेरिकी इंट्रेस्ट पर हमले कर रहा था.

अब ईरान के पीछे पड़ा यूएई, कहा-40 दिन तक हमले किए, अब नुकसान का पैसा दीजिए
अब ईरान के पीछे पड़ा यूएई, कहा-40 दिन तक हमले किए, अब नुकसान का पैसा दीजिए

UAE ने इस बारे में भी सफाई मांगी है कि सीजफायर से यह कैसे पक्का होगा कि तेहरान दुश्मनी खत्म करे और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलेगा. UAE के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “UAE इस समझौते के नियमों पर और सफाई चाहता है ताकि यह पक्का हो सके कि ईरान इस इलाके में सभी दुश्मनी को तुरंत खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह और बिना किसी शर्त के फिर से खोलने के लिए पूरी तरह तैयार है.”

ईरान को मुआवजे के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाए- UAE

UAE की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ईरानी हमलों के लिए एक मजबूत रुख की जरूरत है, जिसमें यह पक्का करना भी शामिल है कि ईरान को नुकसान और मुआवजे के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए.” बयान में, विदेश मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पिछले 40 दिनों में ईरान ने बिना किसी उकसावे के इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी सुविधाओं और सिविलियन जगहों को निशाना बनाकर हमले किए हैं.

जिसमें 2819 बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलें, साथ ही ड्रोन भी शामिल थे और इससे जान-माल का जो नुकसान हुआ है. उसके लिए एक मजबूत रुख अपनाने की ज़रूरत है, जिसमें यह पक्का करना भी शामिल है कि ईरान को नुकसान और मुआवजे के लिए पूरी तरह से ज़िम्मेदार ठहराया जाए.

UAE ने खुद युद्ध से किया अलग

UAE ने साफ तौर पर कहा है कि वह युद्ध में शामिल नहीं है और उसने लड़ाई को शुरू होने से रोकने के लिए बहुत ज्यादा डिप्लोमैटिक कोशिशें की हैं. इन कोशिशों में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के अंदर आपसी बातचीत और पहल शामिल थीं.

UAE ने इस बात पर भी जोर दिया कि उसने अपनी सॉवरेनिटी, सिक्योरिटी और राष्ट्रीय उपलब्धियों की कामयाबी से रक्षा की है. इसके अलावा, UAE ने मांग की कि ईरान यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल रेज़ोल्यूशन 2817 (2026) का पूरी तरह पालन करे, जिसे 11 मार्च 2026 को अपनाया गया था. इस रेज़ोल्यूशन में ईरानी हमलों की ऑफिशियली निंदा की गई और उन्हें तुरंत रोकने की मांग की गई.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply