Saturday, April 11, 2026
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सोमालिया में नोट सिलते दर्जी का वीडियो वायरल, गरीबी है वजह या कुछ और? जानें पूरी हकीकत

Somalia Viral Video: फटे नोटों को मशीन से सिलते हुए एक दर्जी का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अफ्रीकी देश सोमालिया का है, जहां 1991 के बाद से नए नोट नहीं छपे हैं, इसलिए यहां के लोग मजबूरी में नोट सिलकर चला रहे हैं. लोग इसे सोमालिया की बदहाल अर्थव्यवस्था का प्रतीक बता रहे हैं. आइए जानते हैं इस दावे का सच क्या है?

सोमालिया में नोट सिलते दर्जी का वीडियो वायरल, गरीबी है वजह या कुछ और? जानें पूरी हकीकत
सोमालिया में नोट सिलते दर्जी का वीडियो वायरल, गरीबी है वजह या कुछ और? जानें पूरी हकीकत

वायरल हो रहे इस वीडियो में एक दर्जी पुराने और गले हुए नोटों को सिलाई मशीन से सिलता हुआ दिख रहा है. दावा किया जा रहा है कि सोमालिया के सेंट्रल बैंक ने 1991 के बाद से नए नोट नहीं छापे हैं. ऐसे में यहां के लोग पुराने नोट सिलकर चलाने को मजबूर हैं. सोमालिया की वित्तीय प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है.

Fact Check: क्या सच में 1991 से नोट नहीं छपे?

जब हमने इस वायरल दावे की पड़ताल की, तो पता चला कि यह बात आंशिक रूप से बिल्कुल सही है. 1991 में सियाद बर्रे की सरकार गिरने और गृहयुद्ध छिड़ने के बाद सोमालिया के सेंट्रल बैंक ने आधिकारिक रूप से नए नोट छापना बंद कर दिया था. बाजार में जो ‘सोमाली शिलिंग’ (Shiling Somalia) मौजूद हैं, वो या तो 1991 के पहले के हैं या स्थानीय गुटों द्वारा अनौपचारिक रूप से छपवाए गए थे.

तो क्या सिले हुए नोट इस्तेमाल करते हैं लोग?

यहीं पर वायरल दावा भ्रामक हो जाता है. बता दें कि सोमालिया आज के समय में दुनिया की सबसे एडवांस्ड मोबाइल मनी इकोनॉमी में से एक है. यहां के नागरिक बड़े मॉल से लेकर चाय की दुकान तक ZAAD, e-Dahab, Sahal जैसे मोबाइल ऐप के जरिए भुगतान करते हैं. के अनुसार, 2018 तक डिजिटल मनी का उपयोग 80% से अधिक शहरी निवासियों द्वारा किया जाने लगा.

फिर इस वीडियो का सच क्या है?

कुछ बेहद गरीब इलाकों में मामूली खरीदारी के लिए इन फटे-पुराने नोटों को चलाने की कोशिश जरूर की जाती है, लेकिन यह वहां की मुख्य अर्थव्यवस्था का हिस्सा नहीं है. स्थानीय रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुसार, सोमालिया में करेंसी की हालत इतनी खराब है कि लोग सोशल मीडिया पर ध्यान खींचने के लिए ऐसे वीडियो बनाते हैं.

निष्कर्ष यह है कि वीडियो में किया गया दावा भ्रामक है. सोमालिया कैशलेस समाज की ओर बढ़ चुका है, जहां ऑनलाइन पेमेंट सबसे ज्यादा प्रचलित है.

यहां देखिए वीडियो

khabarmonkey@gmail.com

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