Wednesday, April 15, 2026
Health

युद्ध का असर सेनाओं तक ही नहीं, ऐसे डिप्रेशन में आ जाते हैं आम लोग, ईरान के हालात से समझें

ईरान और अमेरिका के बीच कई दिनों से युद्ध चल रहा है. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आज रात एक पूरी सभ्यता हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी. इस बयान के बाद कई तरह की आशंका जताई जा रही है. इस बढ़ते खतरे के बीच उन लोगों के बारे में भी सोचना जरूरी है जो युद्ध के दौरान इन देशों में मौजूद हैं. खासतौर पर ईरान में जो लोग हैं उनपर इस समय भारी संकट मंडरा रहा है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि युद्ध का असर सिर्फ जान- माल के नुकसान तक ही सीमित नहीं रहता है बल्कि इसका असर मानसिक सेहत पर भी पड़ता है.

युद्ध का असर सेनाओं तक ही नहीं, ऐसे डिप्रेशन में आ जाते हैं आम लोग, ईरान के हालात से समझें
युद्ध का असर सेनाओं तक ही नहीं, ऐसे डिप्रेशन में आ जाते हैं आम लोग, ईरान के हालात से समझें

के समय लोगों के मन में काफी डर असुरक्षा और जान के खतरे का डर रहता है. इससे मानसिक तनाव बढ़ता है और मेंटल हेल्थ खराब होती है. यही वजह है कि ऐसे समय में कई लोगों को एंग्जाइटी से लेकर डिप्रेशन और पैनिक अटैक तक आने लगते हैं, कई लोग नींद की समस्याओं का शिकार हो जाते हैं.

डिप्रेशन में कैसे चले जाते हैं लोग

गाजियाबाद के जिला अस्पताल में मानसिक रोग विभाग में डॉ. एके विश्वकर्मा बताते हैं कि जब देशों में युद्ध हो रहा होता है और हालात बेहद खतरनाक बन जाते हैं तो लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है. ये डर शरीर में हार्मोन बैलेंस बिगाड़ देता है. इससे शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का लेवल बिगड़ जाता है. इससे लोगों को घबराहट, बैचेनी और हमेशा डर या जान का जोखिम बना रहता है. धीरे- धीरे ये स्थिति दिमाग पर असर डालती है. ब्रेन में केमिकल इंबैलेंस हो जाता है जो डिप्रेशन का कारण बनता है. इस स्थिति में व्यक्ति का मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से इलाज कराना पड़ता है.

पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) का खतरा

डॉ विश्वकर्मा बताते हैं कि युद्ध के बाद भी ऐसे लोगों की हालत ठीक नहीं होती है. इनमें से कई लोग पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर का शिकार बन जाते हैं. इससे लोगों को डरावने सपने आते हैं. युद्ध के दौरान की घटनाएं बार- बार उनके दिमाग में घुमने लगती है. उनको हमेशा वही डर और बैचेनी बनी रहती है और लोगों को मानसिक तनाव काफी हो जाता है. युद्ध के दौर में सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहें और खबरें भी लोगों की मेंटल हेल्थ को खराब करती हैं.

किन लोगों पर ज्यादा असर?

बच्चे, बुजुर्ग और पहले से मानसिक तनाव झेल रहे लोग इस स्थिति से ज्यादा प्रभावित होते हैं. उनके लिए डर और चिंता को संभालना मुश्किल हो सकता है. ऐसे लोगों की मेंटल हेल्थ काफी बिगड़ सकती है. कुछ मामलों में तो अस्पताल में भर्ती करने तक की नौबत आ जाती है.

क्या करें कि मेंटल हेल्थ खराब न हो

अगर किसी सेफ जगह जा सकते हैं तो वहां रहें

न्यूज देखने का समय सीमित करें

परिवार और दोस्तों से बातचीत करें

युद्ध से संबंधित बातें करने से बचें

अगर कोई परेशानी हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लें

khabarmonkey@gmail.com

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