Saturday, April 11, 2026
Health

हर दूसरे वर्किंग व्यक्ति को डायबिटीज का खतरा! स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

भारत में तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों का असर अब सेहत पर साफ नजर आने लगा है. हाल ही में आई अपोलो हॉस्पिटल्स की हेल्थ ऑफ द नेशन (HoN) 2026 सर्वे रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कामकाजी आबादी का बड़ा हिस्सा शुगर से जुड़ी समस्याओं की चपेट में है. रिपोर्ट के अनुसार, हर 10 में से लगभग 5 वर्किंग लोगों को या तो प्रीडायबिटीज है या डायबिटीज, जो आने वाले समय के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि देश में साइलेंट बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और लोग अनजाने में इसका शिकार हो रहे हैं.

हर दूसरे वर्किंग व्यक्ति को डायबिटीज का खतरा! स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
हर दूसरे वर्किंग व्यक्ति को डायबिटीज का खतरा! स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

खास बात यह है कि बड़ी संख्या में लोगों को अपने बढ़ते शुगर लेवल की जानकारी ही नहीं होती, क्योंकि शुरुआती लक्षण बेहद हल्के होते हैं या नजरअंदाज कर दिए जाते हैं. लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करने पर यह समस्या हार्ट, और आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है. यही वजह है कि अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं और ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों में तेजी से बढ़ रही है. बढ़ते केस यह भी दिखाते हैं कि नियमित जांच की कमी और लापरवाही इस खतरे को और बढ़ा रही है. आइए जानते हैं इसके पीछे क्या कारण हैं.

लाइफस्टाइल बनी सबसे बड़ी वजह

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल चुकी है. घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और जंक फूड का ज्यादा सेवन इस समस्या को बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. ऑफिस का काम, स्क्रीन टाइम और तनाव भरी जिंदगी के कारण लोग न तो सही समय पर खाना खा पाते हैं और न ही एक्सरसाइज कर पाते हैं.

इसके अलावा मीठी चीजें, प्रोसेस्ड फूड और बाहर का खाना शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाते हैं. नींद की कमी भी शरीर के हॉर्मोनल बैलेंस को बिगाड़ती है, जिससे डायबिटीज का खतरा और बढ़ जाता है. लगातार खराब लाइफस्टाइल अपनाने से शरीर की इंसुलिन को सही तरीके से इस्तेमाल करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे प्रीडायबिटीज और डायबिटीज की समस्या तेजी से बढ़ने लगती है.

हाई बीपी, मोटापा और विटामिन की कमी भी बड़ी समस्या

डायबिटीज के साथ-साथ कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग हाई बीपी, मोटापा और शरीर में जरूरी विटामिन की कमी का भी शिकार हो रहे हैं. बढ़ता वजन शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है, जिससे शुगर कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है.

वहीं हाई बीपी दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है. इसके अलावा विटामिन डी और बी12 की कमी भी शरीर के कामकाज को प्रभावित करती है. ये सभी समस्याएं मिलकर डायबिटीज के खतरे को और गंभीर बना देती हैं, इसलिए इन पर समय रहते ध्यान देना बेहद जरूरी है.

समय रहते बदलाव से बचाव संभव

डायबिटीज और प्रीडायबिटीज से बचने के लिए समय रहते लाइफस्टाइल में बदलाव करना बेहद जरूरी है. रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना, संतुलित डाइट लेना और मीठी व प्रोसेस्ड चीजों से दूरी बनाना फायदेमंद हो सकता है. इसके साथ ही पर्याप्त नींद और तनाव को कंट्रोल करना भी जरूरी है. हाई बीपी, मोटापा और शरीर में विटामिन की कमी जैसी समस्याओं पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी है, क्योंकि ये सभी मिलकर डायबिटीज के खतरे को बढ़ा देते हैं.

वजन कंट्रोल में रखने, नमक और तली-भुनी चीजों से दूरी बनाने और विटामिन से भरपूर डाइट लेने से इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है. समय-समय पर हेल्थ चेकअप से शुगर, बीपी और अन्य जरूरी पैरामीटर की समय पर पहचान हो सकती है. अगर शुरुआती स्टेज में ही ध्यान दिया जाए, तो प्रीडायबिटीज को कंट्रोल कर डायबिटीज बनने से रोका जा सकता है. स्वस्थ आदतें अपनाकर इस खतरे को कम किया जा सकता है.

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