
तेहरान: अमेरिका और ईरान में संघर्ष विराम के ऐलान के बाद मध्य पूर्व में नई शांति की उम्मीद जगी है। दोनों देश पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से जंग लड़ रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो ईरान को संघर्ष विराम के लिए डेडलाइन भी दी हुई थी, लेकिन इसके खत्म होने के ठीक 90 मिनट पहले दोनों पक्ष युद्धविराम पर सहमत हो गए। इस बीच दावा किया जा रहा है कि इस संघर्ष विराम में ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने बड़ी भूमिका निभाई थी। उनके ही निर्देश पर ईरान युद्धविराम के लिए राजी हुआ है। हालांकि, कुछ इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई युद्ध के शुरुआती दिनों में एक हमले की चपेट में आने के कारण कोमा में हैं और उनका इलाज किया जा रहा है।
मोजतबा खामेनेई के आदेश पर हुई डील
अमेरिकी मीडिया Axios की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार अपने वार्ताकारों को समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मोजतबा ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं, जो 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में एक हवाई हमले में मारे गए थे। उनकी मौत के बाद ही मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया। हालांकि, वह लंबे समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। सिर्फ उनका बयान ही ईरानी सरकारी टेलीविजन पर पढ़ा गया है।
होर्मुज से यातायात की गारंटी देगा ईरान
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि दो हफ्ते के युद्धविराम समझौते के तहत, होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात की गारंटी दी जाएगी। इस जलडमरूमध्य से दुनिया के तेल और गैस का पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर पोस्ट किया, “यह आवाजाही ईरान के सशस्त्र बलों के साथ समन्वय से और तकनीकी सीमाओं का उचित ध्यान रखते हुए संभव होगी।”
व्हाइट हाउस ने बताया अमेरिका की जीत
वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने मंगलवार को ईरान युद्ध में दो हफ़्ते के युद्धविराम की तारीफ़ करते हुए इसे संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक “जीत” बताया। उन्होंने कहा, “हमारी सेना की सफलता ने हमें बातचीत में ज़्यादा से ज़्यादा मज़बूत स्थिति में ला दिया, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम कड़े समझौते कर पाई, जिससे अब कूटनीतिक समाधान और लंबे समय तक शांति की राह खुल गई है।”





