
पटना; पटना में साइबर अपराधियों का शातिर खेल अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। ठगों ने अब ऐसी खतरनाक टेक्निक इजाद कर ली है, जिससे मोबाइल हैक कर चंद मिनटों में बैंक खाते साफ किए जा रहे हैं। पिछले एक महीने में जिले में करीब सौ से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, ये साइबर जालसाज पहले खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को अपने झांसे में लेते हैं। कभी केवाईसी अपडेट तो कभी खाता बंद होने का डर दिखाकर मासूम लोगों का एतबार जीतते हैं। इसके बाद उन्हें एक APK फाइल भेजी जाती है और क्लिक करने को कहा जाता है। जैसे ही शिकार इस जाल में फंसता है, उसका मोबाइल पूरी तरह हैक हो जाता है।
इस गैंग का सबसे खतरनाक हथियार है 21# ट्रिक। अपराधी इस कोड के जरिए कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव कर देते हैं, जिससे मोबाइल पर आने वाले बैंक OTP और कॉल सीधे उनके पास पहुंच जाते हैं। इसके बाद खाते से रकम उड़ाना उनके लिए महज एक खेल बन जाता है।
इतना ही नहीं, मोबाइल हैक होने के बाद ये ठग उसी नंबर से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर पीड़ित के दोस्तों और रिश्तेदारों को मैसेज भेजते हैं और उनसे भी पैसे ऐंठ लेते हैं। स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट एक्सेस के जरिए ये अपराधी पूरी तरह मोबाइल पर कब्जा जमा लेते हैं, जबकि पीड़ित को भनक तक नहीं लगती।
बढ़ते मामलों ने पटना पुलिस की नींद उड़ा दी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना ने छह सदस्यीय विशेष टीम गठित की है, जो इस पूरे रैकेट की तहकीकात में जुट गई है। बचाव ही सबसे बड़ा हथियार है- व्हाट्सएप में ऑटो डाउनलोड तुरंत बंद करें, मोबाइल में टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखें, किसी अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक न करें, 21# से जुड़े संदिग्ध मैसेज से दूर रहें। साइबर दुनिया के ये नकाबपोश अपराधी हर दिन नया जाल बुन रहे हैंजरा सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई को पलभर में गायब कर सकती है।





